भिंड में ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात गिट्टी से भरे ट्रॉला ने एक ऑटो को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में दंपती और दो साल के बेटे की मौत हो गई। पावई क्षेत्र के दीखतन का पुरा में रहने वाले अनिल बघेल (31), पत्नी आरती बघेल (28) अपने दो साल के बेटे गणेश के साथ रात में अपने गांव दीखतन का पुरा लौट रहे थे। अनिल गुजरात में ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। कुछ दिन पहले वे गांव आए थे। बेटे की तबीयत खराब होने पर उसे ऑटो से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। रात करीब 11 बजे, वे ऑटो (जीजे 05 सीएक्स 4763) से गांव लौट रहे थे। दबोहा मोड़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रॉला (एचआर 38 एसी 0787) ने ऑटो को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में तीनों को गंभीर चोटें आईं। आरती और बेटे गणेश ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि अनिल को ग्वालियर रेफर किया गया, जहां उन्होंने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक ही चिता पर हुआ दंपती का अंतिम संस्कार
देहात पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है। मंगलवार सुबह तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। अनिल चार साल से सूरत में रहकर ऑटो चलाते थे और परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। 15 दिन पहले ही वे भिंड लौटे थे। पावई थाना क्षेत्र के दीखतन के पुरा गांव में अनिल, उनकी पत्नी और बेटे की अंतिम यात्रा निकली तो पूरे गांव में मातम पसर गया। ढाई साल के मासूम गणेश का अंतिम संस्कार कुंवारी नदी घाट पर कराया गया, जबकि अनिल और आरती का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। बुजुर्ग माता-पिता और दिव्यांग भाई को लेकर चिंता
अनिल का परिवार पहले ही कई मुश्किलों का सामना कर रहा था। उनके पिता जगदीश और मां डालचंद बुजुर्ग हैं, जबकि बड़ा भाई वीर सिंह दिव्यांग है। अनिल ही पूरे परिवार का एकमात्र सहारा थे।


