भिंड के बरोही थाना क्षेत्र के लावन गांव में जेठानी के जेवर चोरी करने वाली देवरानी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 24 अक्टूबर को धर्मेंद्र जोशी के घर हुई चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपी राखी से करीब 2.5 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर बरामद कर लिए हैं। जांच में सामने आया कि अहमदाबाद से दिवाली मनाने आई देवरानी को जेठानी के गहने देख लालच आ गया था। पुलिस से बचने के लिए महिला ने ‘लोड़ी माता’ आने का नाटक भी किया, लेकिन मुखबिर की सूचना पर पकड़ी गई। धर्मेंद्र जोशी की पत्नी प्रीति जोशी (27) ने दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के बाद अपने सोने-चांदी के जेवर गोदरेज की अलमारी में रखे थे। त्योहार पर धर्मेंद्र का छोटा भाई जितेंद्र और उसकी पत्नी राखी अहमदाबाद से गांव आए थे। प्रीति के गहने देखकर राखी के मन में ईर्ष्या हो गई। रात में जब सब सो गए, तो उसने अलमारी से सारे जेवर निकाल लिए। शक बाहरी व्यक्ति पर जाए, इसके लिए उसने सामान बिखेर दिया और घर के गेट खोल दिए। सुबह 4 बजे उसने खुद ही चोरी का शोर मचा दिया। पुलिस से बचने ‘माता’ आने का नाटक सूचना पर पहुंची पुलिस और फिंगरप्रिंट टीम को मौके से बाहरी व्यक्ति के निशान नहीं मिले। इससे पुलिस का शक घर के लोगों पर गया। पूछताछ में राखी बार-बार बयान बदल रही थी। जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो वह ‘लोड़ी माता’ आने का बहाना करने लगी। अंधविश्वास के चलते परिवार वाले भी उसका साथ देने लगे। इसके बाद पुलिस ने जांच धीमी दिखाकर गांव में मुखबिर तंत्र सक्रिय कर दिया। पुराने जेवर बेचने की फिराक में थी करीब एक महीने बाद पुलिस को सूचना मिली कि राखी गांव की महिलाओं से पुराने जेवर बेचने और नए बनवाने की बात कर रही है। भनक लगते ही पुलिस ने उसे दोबारा बुलाया। इस बार सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गई और सच उगल दिया। पुलिस ने उसके पास से सोने का मंगलसूत्र, झुमकी, पायल, करधौनी और अंगूठियां समेत ढाई लाख का माल बरामद किया है। टीआई बोले- शक गहराया तो खुली पोल बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया ने बताया कि पूछताछ के दौरान देवरानी राखी पर शक गहराने लगा था। जब राखी ने गांव की महिलाओं से पुराने जेवर बेचने और नए बनवाने की चर्चा की, तो यह बात पुलिस को पता लग गई। सख्ती से पूछताछ में चोरी का मामला खुल गया। पुलिस ने जेवर जब्त कर आरोपी महिला को न्यायालय में पेश कर दिया है।


