भिंड में सफाई कर्मियों ने कचरा ट्रॉली में लगाई आग:धुएं से सड़क पर लोग हुए परेशान, रोकने पर सफाईकर्मी बोले- मच्छर भागेंगे

भिंड नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सफाईकर्मियों द्वारा शहर की सड़कों से कचरा उठाने के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग लगा दी जाती है, जिससे धुएं और आग की लपटों से लोग दहशत में आ जाते हैं। यह घटनाएं सुबह के समय, खासकर मॉर्निंग वॉक के दौरान, नियमित रूप से देखी जा रही हैं। शुक्रवार सुबह चतथर वाली पुलिया के पास ऐसा ही दृश्य सामने आया, जहां सवाल करने पर कर्मचारियों ने गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिया। बोले- मच्छर भागेंगे
शुक्रवार की सुबह चतथर वाली पुलिया के पास नगर पालिका की ट्रैक्टर-ट्रॉली जब कचरा उठा रही थी, उसी दौरान ट्रॉली में आग लगा दी गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख आसपास के लोग सहम गए। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और सफाई कर्मियों से आग लगाने का कारण पूछा, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा—“मच्छर भाग जाएंगे।” यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। शहर के विभिन्न इलाकों में सुबह के समय इस तरह के दृश्य आए दिन देखने को मिल रहे हैं। डीजल भुगतान का आरोप स्थानीय लोगों और मॉर्निंग वॉक पर निकलने वालों का आरोप है कि ट्रॉली में आग लगाने का उद्देश्य कचरे को मौके पर ही जला देना होता है, ताकि ट्रॉली में ज्यादा कचरा भरा जा सके। इसके बाद एक ही चक्कर को दो या तीन ट्रॉली कचरा उठाने के रूप में दिखाकर फर्जी तरीके से डीजल खर्च का भुगतान कराया जाता है। लोगों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया जा रहा भ्रष्टाचार है, जिसकी नगर पालिका स्तर पर अनदेखी हो रही है। मॉर्निंग वॉक पर झेलना पड़ रहा प्रदूषण सुबह के समय जब शहरवासी स्वास्थ्य के लिए मॉर्निंग वॉक पर निकलते हैं, तब ट्रॉली में जलते कचरे से उठने वाला धुआं सांस लेना मुश्किल कर देता है। शहर निवासी राजमणि शर्मा का कहना है कि कचरा संग्रहण के नाम पर बड़ा घोटाला चल रहा है। आए दिन ट्रॉली में आग लगाई जाती है, जिससे पूरे इलाके में प्रदूषण फैलता है और लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। नियमों की अनदेखी खुले में कचरा जलाना पर्यावरण नियमों और अग्नि सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। इसके बावजूद नगर पालिका के सफाई कर्मचारी बेखौफ होकर यह काम कर रहे हैं। आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा भी हो सकता है, लेकिन इस ओर न तो कर्मचारियों का ध्यान है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों का। इस पूरे मामले में नगर पालिका सीएमओ यशवंत वर्मा से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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