भिक्षावृत्ति छोड़कर आत्मनिर्भर बने इंदौर के 3 भिक्षुक:गणतंत्र दिवस परेड में होंगे ‘विशिष्ट अतिथि’; कलेक्टर ने कराया हवाई सफर

इंदौर ने एक बार फिर देशभर में मिसाल कायम की है। भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनने की दिशा में किए गए प्रयासों के चलते इंदौर के 3 ऐसे भिक्षुक, जिन्होंने भीख मांगने का जीवन छोड़कर आत्मनिर्भरता की राह चुनी, अब गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में कर्तव्य पथ पर ‘विशिष्ट अतिथि’ के रूप में शामिल होंगे। देशभर से चयनित 100 मेहमानों में इंदौर के कुल 5 प्रतिनिधि शामिल हैं। परेड से एक दिन पहले इन अतिथियों का केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक के साथ संवाद और सहभोज कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। कलेक्टर की पहल: सड़क से आसमान तक सम्मान की उड़ान इन नागरिकों के संघर्ष को सम्मान देते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने इनके दिल्ली प्रवास को हवाई मार्ग से कराने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि सम्मान और सामाजिक पुनर्वास की पहचान है। जिला प्रशासन, नगर निगम, संस्था प्रवेश, महिला एवं बाल विकास विभाग और श्रम विभाग के संयुक्त प्रयासों से इंदौर को देश का पहला भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाया गया है। इंदौर के ‘विशिष्ट अतिथि’ इनके साथ संस्था प्रवेश की प्रतिनिधि रूपाली जैन और रूपेन्द्र दोशी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली जाएंगे। SMILE योजना से 5,500 से अधिक का पुनर्वास भारत सरकार की SMILE योजना के तहत इंदौर में अब तक करीब 5,500 लोगों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर पुनर्वासित किया जा चुका है, जो देश में एक रिकॉर्ड है। अभियान के दौरान बच्चों को शिक्षा से जोड़ा गया, वयस्कों को नशामुक्त कर रोजगार उपलब्ध कराया गया और बीमार व मानसिक रूप से असहाय लोगों को रेस्क्यू कर इलाज दिलाया गया। इंदौर प्रशासन और संस्था प्रवेश की यह पहल अब पूरे देश के लिए रोल मॉडल बनकर उभर रही है। यह खबर भी पढ़ें अपनी कार से इंदौर के सराफा जाता था करोड़पति भिखारी:कारोबारियों को बांट रखे हैं 4 लाख रुपए, 10% प्रतिदिन ब्याज वसूलता था इंदौर का करोड़पति भिखारी मांगीलाल दिन के उजाले में नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में सराफा बाजार में सक्रिय होता था। यहां वह कार से जाता और भीख मांगने के साथ ब्याज वसूली का काम करता था। अब तक की जांच में सामने आया है कि मांगीलाल ने दिहाड़ी व्यापारियों, ठेले वालों और जरूरतमंद दुकानदारों को तीन से चार लाख रुपए ब्याज पर दे रखे थे। वह 10% प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज वसूलता था। यानी किसी ने 1000 रुपए उधार लिए, तो अगले दिन उसे 1100 रुपए चुकाने पड़ते थे। डेढ़ महीने की लुका-छिपी और रात का ‘ऑपरेशन’

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *