कानून की रखवाली करने और चोरों को पकड़ने वाली राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल दशरथ ने ही भिनाय पुलिस थाने में जब्त कंटेनर से डोडा पोस्त के 38 कट्टे चुराए थे। पैसों के लालच में उसने रात्रि के समय एक-एक कर 36 कट्टे तो आसानी के साथ चोरी कर बेच दिए। खुद मालखाने का एल.सी. होने के कारण किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी लेकिन दो कट्टे निकालते हुए उसे थाने के ही पुलिसकर्मियों ने पकड़ लिया। पकड़े जाने तक वह थाना परिसर में ही खड़े जब्तशुदा कंटेनर से निकालकर आधे से ज्यादा यानी 794.200 किलो डोडा पोस्त बेच चुका था। इसकी बाजार में कीमत करीब 80 लाख रुपए बताई जा रही है। अनुशासन पुलिस बेडे के जिम्मेदार व्यक्ति होने के उपरान्त भी अपने कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासनहीनता करते हुए अपने पद एवं कर्तव्य का दुरुपयोग कर थाना भिनाय पर जब्तशुदा मुकदमाती माल को खुर्दबुर्द करने पर दशरथ कानि. 2045 को एसपी वंदिता राणा ने निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच तीन दिन पहले ही केकड़ी पुलिस थाने की सीआई कुसुमलता मीणा को सौंपी गई है। प्रारंभिक पड़ताल में दशरथ ने पूछताछ में बताया कि उसने अलग-अलग तारीखों में डोडा पोस्ट के कट्टे चोरी छिपे निकालकर बेच दिए है। भिनाय पुलिस थाने के तत्कालीन थानाधिकारी नाहर सिंह उप निरीक्षक द्वारा 18.08.2023 को प्रकरण संख्या 232/2023 धाय 8/15 एनडीपीएस एक्ट में वाहन संख्या ट्रक कन्टेनर आरजे 14 जीक्यू 3527 में जब्त माल अवैध शराब पेटियों के साथ डोडापोस्त के 74 प्लास्टिक के कट्टे जब्त किए थे। इन कट्टों का कुल वजन 1469.950 किलोग्राम था। लेकिन जब्तशुदा कंटेनर से चोरी छिपे बेचे जाने के बाद 794.200 किलो ग्राम डोडा पोस्त कम पाया गया। कम पाए जाने पर मालखाना एल.सी. दशरथ कानि. 2045 से पूछने पर उसने बताया कि ये कट्टे मैंने दो तीन माह पूर्व में ही अलग अलग तारीख को चोरी छिपे निकालकर बेच दिये है। दशरथ थाना हाजा पर करीबन ढाई साल से मालखाना एल.सी. का कार्य कर रहा था। पिछले माह में दर्ज इस मामले को पूरी तरह से गोपनीय रखा। कांस्टेबल दशरथ को पुलिस ने ऐसे पकड़ा, बाजार में कीमत करीब ₹ 80 लाख एफआईआर नंबर 300/ 10.11.2024 के मुताबिक थानाधिकारी ओम प्रकाश उपनिरीक्षक को समय 10.26 पी.एम. पर सुमेर कानि. 2087 ने जरिये टेलिफोन सूचना दी कि कानि 2670 अर्जुनलाल ने मुझे व दिनेश कानि. 2266 को वैरिक से जगाकर बताया कि मालखाना एल.सी. दशरथ कानि. 2045 थाना परिसर में खड़े जब्त ट्रक कन्टेनर में रखे एनडीपीएस के माल कट्टो में से ट्रक कन्टेनर का पीछे का गेट खोलकर डोडापोस्त के कट्टे बाहर निकाल रहा है। जिस पर हम तीनों ने वैरिक की छत पर जाकर देखा तो दशरथ कानि. 2045 ट्रक कन्टेनर में से डोडापोस्त के कट्टे नीचे डालता हुआ दिखाई दिया। जब्तशुदा कन्टेनर के पास वालीबाल खेल का मैदान है जहां पर बड़ी फोक्स लाईट लग रही है। जिससे थाना परिसर स्पष्ट दिखाई देता है एवं थाना परिसर में खड़े साधन व सामान भी स्पष्ट नजर आते हैं। उस दिन के डयूटी ऑफिसर मदन लाल भी वैरिक की छत पर आ गये तथा कन्टेनर में से डोडा पोस्त के कट्टे निकालकर थाने की बाउंड्री के पास ले जाते हुए दशरथ कानि. 2045 को देखा। जिस पर मन थानाधिकारी ओमप्रकाश ने उपनिरीक्षक अपने निवास स्थान से थाना परिसर में आया तथा उक्त जाब्ते को लेकर कन्टेनर की तरफ जाने लगा तो कन्टेनर की तरफ से कानि. 2045 दशरथ आता हुआ दिखाई दिया जिसे हमराह लेकर थाने की बाउंड्री के पास गया। उसी समय थाने का अन्य स्टॉफ मनमोहन कानि, 847 व संतरी ड्यूटी पर तैनात कानि. 2511 अरूण भी मौके पर आ गये। सभी मौजूदा स्टॉफ के सामने कानि. 2045 दशरथ से दीवार के पास पड़े दो कट्टे डोडापोस्त के भरे हुए के बारे में पूछा तो उसने बताया कि मैंने दोनों कट्टे एनडीपीएस एक्ट में जब्त माल डोडापोस्त के भरे कट्टों में से बेचने की नियत से लाकर रखे थे। जांच के बाद दशरथ को निलंबित कर उसके खिलाफ धारा 316 (5) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया है। (रिपोर्ट – सुरेश कासलीवाल अजमेर, फोटो-रितेश मिश्रा-भिनाय)


