भिलाई में स्मार्ट मीटर टेस्टिंग शुरू, उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत:जर्मनी की हाई-टेक मशीनों से 60 मीटर की एक साथ सटीक जांच

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। भिलाई में स्मार्ट मीटर टेस्टिंग की अत्याधुनिक सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे मीटर की रीडिंग और कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं का भरोसा और पारदर्शिता बढ़ेगी, साथ ही शिकायतों का निवारण भी आसान होगा। भिलाई-तीन स्थित केन्द्रीय परीक्षण प्रयोगशाला (मीटर टेस्टिंग लैब) में प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने दो नई स्मार्ट मीटर बेंच का विधिवत उद्घाटन किया। इन बेंचों की स्थापना पर लगभग 2 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत आई है, जिससे प्रयोगशाला की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले पूरे छत्तीसगढ़ में केवल भिलाई की इसी प्रयोगशाला में एक ही बेंच उपलब्ध थी। इस कारण प्रदेशभर के सभी प्रकार के मीटरों की जांच में अधिक समय लगता था और उपभोक्ताओं को असुविधा होती थी। 6.82 करोड़ में रायपुर-बिलासपुर में नई मीटर टेस्टिंग लैब इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने पॉवर कंपनी के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। कुल 6 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से रायपुर और बिलासपुर में नई मीटर टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी, साथ ही भिलाई की मौजूदा लैब की क्षमता भी बढ़ाई गई है। नई व्यवस्था के तहत अब भिलाई प्रयोगशाला में कुल तीन बेंच हो गई हैं। प्रत्येक बेंच पर एक साथ 20 मीटरों की जांच संभव है, जिसका अर्थ है कि अब एक साथ कुल 60 मीटरों की टेस्टिंग की जा सकेगी। प्रयोगशाला में स्थापित नई स्मार्ट मीटर बेंच जर्मनी की अत्याधुनिक ‘जेरा’ (ZERA) कंपनी की हैं। इन्हें मीटर टेस्टिंग के क्षेत्र में विश्वसनीय माना जाता है। इनमें एक थ्री-फेस और एक सिंगल-फेस स्मार्ट मीटर बेंच शामिल है, जिससे सभी प्रकार के स्मार्ट मीटरों की सटीक जांच सुनिश्चित होगी। वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर पॉवर कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें कार्यपालक निदेशक एस.के. ठाकुर, शिरीष शैलेट, मुख्य अभियंता एम. जामुलकर, श्रीमती चंद्रकला गिडवानी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्रीमती रश्मि वर्मा, अधीक्षण अभियंता आर.के. मिश्रा, जे. जगन्नाथ प्रसाद, मनोज वर्मा, पी.एल. सिदार, आर.के. चंद्राकर एवं कार्यपालन अभियंता अविनाश चौहान प्रमुख रूप से शामिल थे। उपभोक्ता शुल्क जमा कर करा सकेंगे जांच
दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय खंडेलवाल ने बताया कि स्मार्ट मीटरों की अनिवार्यता को देखते हुए उपभोक्ताओं में विश्वास और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। यदि किसी उपभोक्ता को अपने स्मार्ट मीटर की रीडिंग या कार्यप्रणाली पर संदेह है, तो वे निर्धारित शुल्क जमा कर अपने मीटर की जांच प्रयोगशाला में करा सकते हैं। एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला
उल्लेखनीय है कि यह छत्तीसगढ़ की पहली मीटर परीक्षण प्रयोगशाला है, जिसे राष्ट्रीय परीक्षण एवं शोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) से मान्यता प्राप्त है। यहां मीटर टेस्टिंग के साथ-साथ केबल, कंडक्टर और सीटी-पीटी की भी जांच की जाती है। इसके अलावा पावर और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जिससे भविष्य में तकनीकी सुविधाएं और मजबूत होगा।

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