भिलाई में 60 से ज्यादा घरों पर चला बुलडोजर:मेन सीवरेज लाइन के ऊपर कब्जा करके बनाया घर; 250 से ज्यादा मकान तोड़े जाएंगे

भिलाई के गौतम नगर खुर्सीपार वार्ड 42 में अतिक्रमण पर निगम का बुलडोजर चला है। रविवार सुबह से निगम की टीम यहां मेन सीवरेज लाइन के ऊपर बने 60 घरों को तोड़ने पहुंची है। इससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मची हुई है। निगम के अधिकारियों ने पहले ही गौतम नगर में बुलडोजर चलाने की प्लानिंग कर ली थी। प्लानिंग के तहत उन्होंने तहसीलदार और पुलिस प्रशासन को भी बुला लिया था। पूरी टीम सुबह 8 बजे गौतम नगर पहुंच गई थी। इसके बाद यहां मकान को तोड़ने का काम शुरू किया गया है। लोगों ने इस दौरान विरोध किया, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें विरोध करने नहीं दिया। वार्ड के पार्षद विनोद सिंह ने बताया कि वहां नाले और मेन सीवरेज लाइन के ऊपर 250 से ज्यादा घर अतिक्रमण करके बना लिए गए हैं। निगम ने उन लोगों को 10 से ज्यादा नोटिस दिया है। इसके बाद भी वो लोग अतिक्रमण खाली नहीं कर रहे थे। सीवरेज लाइन के 5 फीट एरिया को तोड़ेगी निगम जानकारी के मुताबिक निगम की टीम मेन सीवरेज लाइन को क्लियर करने के लिए इसके दोनों तरफ 5-5 फीट एरिया में हुए अतिक्रमण को तोड़ेगी। इसके बाद इस नाले और सीवरेज लाइन को बनाया जाएगा। पार्षद विनोद सिंह का कहना है कि मेन सीवरेज लाइन एक बार बन गई तो खुर्सीपार की सीवरेज की समस्या आने वाले 50 सालों के लिए खत्म हो जाएगी। बारिश के दिनों में लोगों के घरों में भरता है पानी सीवरेज लाइन और नाले में अतिक्रमण होने से सबसे अधिक समस्या बारिश में होती है। यहां पानी का सही बहाव ना होने से पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुस जाता है। यहां की सड़कें पानी में डूब जाती हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। खुर्सीपार में टूटेंगे 200 से ज्यादा घर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने का काम खुर्सीपार जोन 1 से शुरू किया है। यहां करीब 60-70 घर टूटेंगे। इसके बाद जोन 2 में करीब 80 घर और जोन तीन में 70-80 घर मिलाकर कुल 200 से ज्यादा बेजा कब्जा मकानों को तोड़ा जाएगा। ये सभी मकान मेन सीवरेज लाइन के ऊपर बने हुए हैं। हर साल फैल रहा पीलिया और डायरिया नाले की सही से सफाई ना हो पाने से यहां का गंदा पानी सप्लाई की पाइपलाइन में घुसता है। इससे लोग गंदा पानी पीते हैं और इसके चलते हर साल यहां पीलिया और डायरिया की बीमारी फैलती है। अभी दो महीने पहले ही इस वार्ड में पीलिया फैला हुआ था।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *