छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भुइंया ऐप हैकिंग मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जबकि दूसरा आरोपी फरार चल रहा हैं, जिसकी तलाश जारी है। आरोपियों ने सरकारी भुइंया सॉफ्टवेयर में सेंध लगाकर फर्जी खसरे तैयार किए। फिर इन्हीं जाली दस्तावेजों के आधार पर बैंक से 36 लाख रुपए का लोन निकाल लिया। यह मामला नंदनी थाना क्षेत्र का है। पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि आरोपी दिनू राम यादव और एस राम बंजारे ने पटवारी हल्का नंबर 16 के ग्राम अछोटी और मुरमुंदा के रिकॉर्ड में हेरफेर की। मूल खसरा नंबरों में बदलाव कर नए खसरे बनाए गए। इन दस्तावेजों को असली दिखाकर बैंक से लोन हासिल किया गया। धोखाधड़ी के पैसे को किया इन्वेस्ट धोखाधड़ी से मिले रकम को कई खातों में ट्रांसफर किया गया। इसमें से 20 लाख 26 हजार 547 रुपए आरोपी नंद किशोर साहू के खाते में भेजे गए। उसने यह रकम अपनी कंपनी भिलाई-दुर्ग फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी में लगा दी। 27 अगस्त को नंदिनी थाना पुलिस ने नंद किशोर साहू को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी आरोपी के खिलाफ बीएनएस एक्ट और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह है। इन्होंने सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर बैंकों को धोखा देने की योजना बनाई थी।


