खरगोन | खरगोन जिला सीस्मिक जोन-3 में आने के कारण भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में भविष्य में संभावित भूकंप से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए अब भवन व सेतु निर्माण के नियमों में बदलाव पर जोर दिया जा रहा है। आपदा के बाद राहत कार्यों पर निर्भर रहने के बजाय पहले से ही सुरक्षित और भूकंपरोधी निर्माण को प्राथमिकता देने की दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ाया है, भवन भूकंप के झटके सह सके और जनहानि न हो। जिले में भूकंपरोधी संरचना निर्माण को लेकर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।


