सिवनी के लखनादौन विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल मढ़ी में पिछले 15 दिनों से छात्राएं अचानक बीमार पड़कर चिल्लाने लगती हैं। इस घटना के बाद ग्रामीण आज झाड़फूंक और हवन-पूजन कर रहे हैं। मढ़ी स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की 146 छात्राएं और 143 छात्र पढ़ते हैं। झाड़फूंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल शनिवार को स्कूल की कई छात्राएं बीमार पड़ गई और चीखने-चिल्लाने लगीं। इसके बाद गांव के लोग स्कूल में इकट्ठा हो गए। गुरुवार को इस घटना का एक वीडियो सामने आया, जिसमें ग्रामीण स्कूल परिसर में झाड़फूंक करते दिख रहे हैं। वीडियो में एक छात्रा भी चीखती-चिल्लाती नजर आ रही है। खास बात यह है कि केवल छात्राएं ही बीमार पड़ रही हैं, जबकि छात्रों में ऐसे कोई लक्षण नहीं देखे गए हैं। बीमार छात्राओं को लखनादौन अस्पताल ले जाया गया, जहां स्वास्थ्य परीक्षण में उनमें किसी बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए। सोमवार को विकासखंड अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल पहुंचकर छात्रों से बात करने की कोशिश की, लेकिन 146 छात्राओं में से कोई भी सोमवार को स्कूल नहीं पहुंची। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर बोले- हीमोग्लोबिन की कमी के कारण हो सकती है बीमार ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर अशोक सहलाम का कहना है कि हीमोग्लोबिन की कमी के कारण भी छात्राएं कई बार बीमार पड़ जाती हैं। स्कूल में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एक विशेष कैंप लगाया जाएगा। इस बीच, घटना के बाद गांव में अंधविश्वास का दौर शुरू हो गया है। ग्रामीण स्कूल के अंदर बुरी आत्माओं को भगाने के लिए पूजा-पाठ और हवन-पूजन कर रहे हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्याम बदन बघेल ने बताया कि कुछ बच्चियां चक्कर खाकर गिर रही थीं, जिन्हें डॉक्टरों को दिखाया गया है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अशोक सहलाम के अनुसार, कुछ बालिकाओं को चक्कर आ रहे थे, जिनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। ग्राम के टेकचंद पटेल का कहना है कि कुछ बच्चियों को चक्कर आ रहे थे। हमने उनसे पूछा कैसा लगा रहा है तो वो बोली अच्छा नही लग रहा है। फिर हमने इस बात की जानकारी शिक्षा अधिकारी व डॉक्टर को दी। हम चाहते हैं कि बच्चियों के अच्छे से इलाज होना चाहिये कोई वायरस तो नही है जिसके कारण वह इस तरह की हरकत कर रही है।


