छत्तीसगढ़ में नक्सल ऑपरेशन को लेकर सरकार के दो बड़े चेहरों के अलग-अलग बयानों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। सीएम विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा के बयानों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ बने इस साल हो गए लेकिन कभी मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के बयान में अंतर नहीं आया था। ऐसा पहली बार है जब यूनिफाइड कमांड के अध्यक्ष यानी मुख्यमंत्री कुछ और कह रहे हैं और उनके अधीनस्थ डिप्टी सीएम और प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा साफ कह रहे हैं कि वैसा कुछ हुआ ही नहीं। मुख्यमंत्री, अलग बयान दे रहे हैं और विजय शर्मा, उनका बयान बिल्कुल उनके विपरीत है और उन्होंने मुख्यमंत्री की बातों का खंडन किया है। इससे साफ है कि सरकार में विश्वास की भारी कमी है। भूपेश बघेल ने कहा कि अगर मंत्री मंडल में विश्वास नहीं है तो या तो मुख्यमंत्री को हट जाना चाहिए या फिर डिप्टी सीएम को बर्खास्त कर देना चाहिए कांग्रेस ने सोशल मीडिया में दोनों बयानों को शेयर किया सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने दोनों नेताओं के बयान वाला वीडियो क्लिप शेयर किया है। एक तरफ सीएम विष्णुदेव साय कह रहे हैं कि तेलंगाना बॉर्डर के पास करेगुट्टा इलाके में ऑपरेशन चल रहा है और 22 से ज्यादा नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। उन्होंने इसे बड़ी सफलता बताया था। साथ ही पोस्ट में ये भी लिखा है कि जिस प्रकार सरकार में शक्तियों को लेकर खींचतान है लगता है किसी दिन ये सड़क पर लड़ते ना दिखाएं दे। सीएम विष्णुदेव साय के बयान को भ्रामक बता रहे डिप्टी सीएम विजय शर्मा कौन परिस्थिति साफ करेगा आखिर कितने नक्सली मारे गए ? जंगलों से लाई गई लाशें किसकी है ? जवानों या आमजनों के साथ कोई घटना तो नहीं हुई? गृहमंत्री ने कहा- संकल्प नाम का कोई ऑपरेशन नहीं वहीं उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से साफ कहा कि ‘संकल्प’ नाम का कोई ऑपरेशन नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह जानकारी भ्रामक है और 22 नक्सलियों के शव मिलने की बात भी पूरी तरह सही नहीं है। विजय शर्मा ने कहा कि मैं इस बात का पूर्णतः खंडन करता हूं कि कोई संकल्प नाम का अभियान चलाया गया है।


