राजस्थान स्टेट माइन्स एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) द्वारा प्रस्तावित जिप्सम खनन परियोजना के खिलाफ किसानों का गुस्सा अब बड़े आंदोलन में बदल गया है। भदवासी, ढाकोरिया, गंठीलासर, मकोड़ी, पीलनवासी और बालासर गांवों के सैकड़ों किसानों ने आज एकजुट होकर नागौर जिला कलेक्ट्रेट पर विशाल आक्रोश रैली निकाली और जोरदार प्रदर्शन किया। सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की और चेतावनी दी कि वे अपनी जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे विरोध के बावजूद कंपनी के कर्मचारी लगातार गांवों में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अब अगर कंपनी के लोग गांव में आए तो किसी भी अनहोनी की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। भदवासी में अनवरत धरने के बाद कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन इस विवाद की जड़ें पिछले कई महीनों से गहरी हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि इन गांवों के किसानों ने इससे पूर्व 15 दिसंबर को भी जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और तभी से भदवासी गांव में अनवरत धरने पर बैठ गए थे। कड़ाके की ठंड और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भदवासी के पड़ाव स्थल पर किसानों का जमावड़ा जारी रहा। लंबे समय तक शांतिपूर्ण धरना देने के बाद भी जब सरकार ने उनकी सुध नहीं ली, तो किसानों ने आज सामूहिक रूप से कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। अधिसूचना को बताया अवैध, आजीविका छिनने का डर ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने बताया कि 26 अगस्त 2025 को जारी अधिसूचना के तहत 274 खसरों की 463.14 हेक्टेयर निजी भूमि को चिह्नित किया गया है, जो पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण है। किसानों ने कहा कि यह पैतृक भूमि उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा है और इस पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि RSMML और प्रशासन ने स्थानीय किसानों की राय और जनसुनवाई को दरकिनार कर बंद कमरों में यह योजना तैयार की है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि 15 दिसंबर से चल रहा उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक कि अधिग्रहण की अधिसूचना पूरी तरह निरस्त नहीं हो जाती। 17 साल की खनन योजना पर संशय भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार, इन छह गांवों के नीचे उच्च गुणवत्ता वाले जिप्सम का भंडार पाया गया है, जिसे देखते हुए विभाग ने यहां चार ब्लॉक चिह्नित किए हैं। सरकार की मंशा यहां आगामी 17 वर्षों तक खनन परियोजना संचालित करने की है ताकि बड़े पैमाने पर राजस्व अर्जित किया जा सके। हालांकि, किसानों के एकजुट विरोध और भदवासी में लंबे समय से जारी मोर्चे ने अब इस परियोजना की राह मुश्किल कर दी है। आज के प्रदर्शन के बाद किसानों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी दिनों में चक्का जाम जैसे कदम उठाए जाएंगे।


