भोजशाला में नियमित सत्याग्रह, बसंत पंचमी से पहले उमड़ी भीड़:हिंदू समाज के लोगों ने की पूजा अर्चना, हनुमान चालीसा का पाठ किया

धार स्थित भोजशाला में मंगलवार को नियमित सत्याग्रह के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल होने पहुंचे। बसंत पंचमी से पहले पड़ने वाले मंगलवार को सत्याग्रह में श्रद्धालुओं की संख्या में विशेष बढ़ोतरी देखने को मिली। इस दौरान भोजशाला के गर्भगृह में मां वाग्देवी का चित्र स्थापित कर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। सत्याग्रह में देवास से पधारे कृष्ण गोपाल दास जी महाराज, बलाई समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार, भाजपा जिलाध्यक्ष नीलेश भारती सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। बसंत पंचमी को लेकर प्रशासन अलर्ट इस वर्ष बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने के कारण भोजशाला में धार्मिक आयोजनों एवं कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मंगलवार को हुए सत्याग्रह के दौरान भी पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रही और पूरे परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रति मंगलवार आयोजित होने वाले नियमित सत्याग्रह में इस बार सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। हनुमान चालीसा पाठ के साथ भजन-कीर्तन भी किए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने “खाली कर दो रास्ते, भोजशाला के वास्ते” जैसे नारों के साथ माहौल को गूंजायमान कर दिया। उल्लेखनीय है कि भोजशाला की मुक्ति एवं मां वाग्देवी की स्थापना को लेकर वर्ष 2003 से गर्भगृह में नियमित सत्याग्रह जारी है। कृष्ण गोपाल दास बोले अखंड पूजा हमारा संकल्प- सत्याग्रह में शामिल कृष्ण गोपाल दास जी महाराज ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वर्ष में यदि एक दिन पूजा का अवसर मिलता है, तो उस दिन भोजशाला में अखंड पूजा ही होगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में नमाज के लिए अलग स्थान आवंटित किया गया है, उसी तरह धार में भी नमाज के लिए अन्य स्थान निर्धारित किया जाए। हमारा संकल्प अखंड पूजा का है और वह अवश्य पूरा होगा। सत्याग्रह में शामिल बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने कहा कि यदि मुस्लिम समाज शांति चाहता है तो मंदिरों में नमाज पढ़ना बंद करें। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान हिंदुओं की भूमि है और यहां पूजा का अधिकार हमारा है। हम कभी यह नहीं कहते कि मस्जिदों में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई इस देश में रहकर यहां का अन्न ग्रहण करता है, तो उसे हिंदू देवी-देवताओं के प्रति सम्मान रखना चाहिए। परमार ने आरोप लगाया कि त्योहारों के समय विवाद पैदा कर तुष्टिकरण की राजनीति की जा रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मनोज परमार ने 23 जनवरी शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन अखंड पूजा के लिए सभी सनातनी योद्धाओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि मां भगवती की आराधना के लिए सभी को भोजशाला पहुंचना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मंदिरों के सामने लगे सभी अवरोध तत्काल हटाए जाएं, अन्यथा हिंदू समाज आंदोलन कर निर्णायक भूमिका निभाएगा। भोजशाला परिसर की तस्वीरें

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *