धार में बसंत पंचमी के अवसर पर भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड हवन-पूजन की अनुमति मांगी गई है। सकल पंच रजक समाज ने सोमवार को इस संबंध में धार कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार जागर सिंह रावत को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि केंद्रीय पुरातत्व विभाग, नई दिल्ली ने 7 अप्रैल 2003 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार और बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूरे दिन पूजा-अर्चना का अधिकार दिया गया है। सकल पंच रजक समाज ने इसी आदेश का हवाला देते हुए मांग की कि बसंत पंचमी पर भोजशाला में पूरे दिन अखंड हवन और पूजा-अर्चना की अनुमति सुनिश्चित की जाए। समाज का कहना है कि इससे वसंत उत्सव धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से हो सकेगा। सकल पंच रजक समाज के अध्यक्ष कैलाश पिपलोदिया ने कहा कि अखंड पूजा पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार होगी। उन्होंने प्रशासन से आयोजन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि कोई अव्यवस्था न हो। इस अवसर पर समाज के नवयुवक मंडल अध्यक्ष भारत मालवीय, वरिष्ठ समाजसेवी एवं भोज उत्सव समिति अध्यक्ष सुरेश चंद्र जलोदिया सहित कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में रजक समाज के लोग उपस्थित रहे। यह जानकारी सकल पंच रजक समाज के मीडिया प्रभारी अक्षय बारिया ने दी।


