मध्यप्रदेश के कई जिलों में रविवार को मौसम बदला रहा। बैतूल, दमोह, रीवा, सतना और उमरिया में बारिश हुई। दमोह में सबसे ज्यादा 7 मिमी पानी गिरा। इधर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर सर्द हवा चलने से ठंड का असर देखने को मिला। साथ ही पारे में भी गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में रविवार को दिन का पारा 5.2 डिग्री की गिरावट के बाद 21.8 डिग्री पर आ गया। यहां सुबह कोहरा छाया रहा। वहीं इंदौर में 5 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 22.4 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा 20 डिग्री, जबलपुर में 20.5 डिग्री और उज्जैन में 22.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। गुना में एक ही दिन में 7.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यहां पर अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह बारिश का अलर्ट है। इस दौरान दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी, लेकिन सिस्टम के आगे जाने के बाद ठंड का असर बढ़ जाएगा। अगले 2 दिन बाद फिर से पारा लुढ़क जाएगा। इन जिलों में बदले मौसम का असर
शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे। इनमें बैतूल, हरदा, खंडवा, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, कटनी, दमोह आदि शामिल हैं। इस वजह से दिन के तापमान में गिरावट भी देखने को मिली। बर्फीली हवा से बढ़ेगी ठंड
बता दें कि, पिछले कुछ दिन से बर्फीली हवा चलने से प्रदेश के शहरों में दिन-रात कड़ाके की ठंड पड़ी। पिछली 4 रात से पारा काफी नीचे लुढ़का है। यह दौर शनिवार से थम गया। दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फ पिघलने से ठंड का असर बढ़ेगा। वहीं, हवा की रफ्तार भी बढ़ेगी। शनिवार को जेट स्ट्रीम हवा की रफ्तार 240 किमी प्रतिघंटा तक रही। 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम ग्वालियर में दिन का पारा 21.2 डिग्री
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री, पचमढ़ी में 22.7 डिग्री, रायसेन में 24.2 डिग्री, नरसिंहपुर में 23 डिग्री, रीवा में 24 डिग्री, नौगांव में 24.8 डिग्री, सतना में 25 डिग्री, सीधी में 24.2 डिग्री, मलाजखंड में 24.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, उमरिया, सिवनी, जबलपुर, दमोह, भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन में पारा 27 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार-शनिवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में 4.5 डिग्री, रीवा में 5 डिग्री, मंडला में 5.4 डिग्री और अमरकंटक में पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में जबलपुर में सबसे कम 7.5 डिग्री, भोपाल में 8.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11.8 डिग्री और इंदौर में पारा 14.2 डिग्री रहा। नवंबर-दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड
इस बार कड़ाके की ठंड पड़ रही है। नवंबर-दिसंबर में भी ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 को हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। अबकी बार भी कड़ाके की ठंड पड़ने का अलर्ट है। ऐसे में पिछले साल का टेम्परेचर का रिकॉर्ड टूट सकता है। जबलपुर में 1946 को रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार मावठा गिरने का अनुमान है। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखे तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।


