भोपाल में एम्स अस्पताल के इंडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (IPD) में अब किसी भी व्यक्ति को बिना अटेंडर कार्ड के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। रविवार शाम महिला कर्मचारी के साथ लिफ्ट में चेन स्नेचिंग की घटना हुई थी। रविवार और 26 जनवरी की छुट्टी के बाद मंगलवार को 3 बजे से 5 बजे तक एम्स निदेशक की अध्यक्षता में हाई लेवल बैठक हुई। सुरक्षा एजेंसी, प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सुरक्षा को लेकर निर्णय लिए गए। प्रबंधन का मानना है कि बिना वैध अटेंडर कार्ड एंट्री नहीं मिलने से अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर रोक लगेगी और सुरक्षा नियंत्रण मजबूत होगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ओपीडी समय के दौरान अस्पताल परिसर में 10 हजार से अधिक लोग मौजूद रहते हैं, जिससे ऐसी घटनाओं की आशंका कम रहती है। हालांकि ओपीडी समय के बाद अस्पताल के कई हिस्से खाली और सुनसान हो जाते हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। स्नेचर के रूट की कर रहे पहचान
बैठक में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रबंधन इस घटना को लेकर बेहद चिंतित है। पुलिस और क्राइम ब्रांच से लगातार समन्वय किया जा रहा है। आरोपी के अस्पताल में प्रवेश से बाहर निकलने तक का पूरा रूट ट्रेस किया जा रहा है, ताकि जल्द गिरफ्तारी हो सके। सुरक्षा एजेंसी को दिए गए कड़े निर्देश
एम्स निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने सुरक्षा एजेंसी को निर्देशित किया है कि सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर गार्ड अनिवार्य रूप से मौजूद रहें। अस्पताल के डार्क स्पॉट और संवेदनशील स्थानों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। राउंड सिस्टम मजबूत किया जाए और सीसीटीवी निगरानी में लापरवाही न हो। थाने में आवेदन दिया, FIR नहीं हुई दर्ज
एम्स प्रशासन के अनुसार, ब्लड बैंक के पीछे स्थित लिफ्ट में एक युवक ने महिला कर्मचारी का मंगलसूत्र झपट लिया और मौके से फरार हो गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोमवार को सामने आया। पीड़िता ने पहले स्थानीय सुरक्षा एजेंसी को इसकी सूचना दी, इसके बाद बागसेवनिया थाने में लिखित आवेदन दिया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। स्त्री रोग विभाग में अटेंडर है पीड़िता
पीड़िता वर्षा सोनी एम्स के स्त्री रोग विभाग में अटेंडर के पद पर कार्यरत हैं। घटना के समय उनके गले में सोने की मोतियों की माला और मंगलसूत्र था। लिफ्ट में आरोपी ने पहले सामान्य बातचीत करते हुए उनसे पूछा कि नेत्र रोग विभाग किस फ्लोर पर स्थित है। महिला ने उसे तीसरे फ्लोर की जानकारी दी। जैसे ही लिफ्ट तीसरे फ्लोर पर पहुंची और दरवाजा खुला, आरोपी बाहर निकला। इसके बाद अचानक मुड़कर उसने महिला पर झपट्टा मारा और मंगलसूत्र खींचने लगा। महिला ने विरोध किया, लेकिन आरोपी ने उन्हें धक्का दिया और सीढ़ियों से भाग गया। इस दौरान मोतियों की माला फर्श पर गिर गई, जबकि आरोपी मंगलसूत्र लेकर फरार हो गया। घटना के समय मौजूद नहीं था सुरक्षा कर्मी
घटना जिस स्थान पर हुई वहां सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था। पीड़िता करीब 10 मिनट तक महिला जीने में बैठकर रोती रहीं, बाद में राउंड पर मौजूद गार्ड ने उन्हें देखकर मामले की जानकारी दी। गार्ड ने उन्हें पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी। रविवार (25 जनवरी) और सोमवार (26 जनवरी) को छुट्टी के कारण अस्पताल में भीड़ कम थी। प्राथमिक जांच में सामने आया कि गार्डों की संख्या भी कम कर दी गई थी, जिसका आरोपी ने फायदा उठाया और आईपीडी गेट से निकल गया। मास्क और टोपी में आया आरोपी, पहचान कठिन
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी मास्क और टोपी लगाए दिखाई दे रहा है। इसी कारण उसकी पहचान मुश्किल हो रही है। क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में जुटी है। एम्स परिसर में इससे पहले लैपटॉप, पर्स और सामान चोरी की शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन महिला कर्मचारी को टारगेट कर चेन स्नेचिंग की यह पहली घटना है। एम्स के डिप्टी डायरेक्टर संदेश जैन ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। जरूरत पड़ने पर गार्डों की संख्या बढ़ाई जाएगी और एंट्री सिस्टम भी सख्त किया जाएगा। घटना के बाद एम्स में क्या बदला चैन स्नैचिंग की घटना के विरोध में सौंपा ज्ञापन कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला के नेतृत्व में चैन स्नैचिंग की घटना के विरोध में मंगलवार को एम्स भोपाल प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि घटना में शामिल अपराधी की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, सभी लिफ्टों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो और सुरक्षा कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि जल्द और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो जनआक्रोश और आंदोलन के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
यह खबर भी पढ़ें… भोपाल एम्स की लिफ्ट में चेन स्नेचिंग, VIDEOचेन स्नेचिंग का वीडियो सोमवार को सामने आया। भोपाल एम्स जैसे हाई-सिक्योरिटी स्वास्थ्य संस्थान में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। रविवार शाम लिफ्ट के अंदर महिला कर्मचारी से चेन स्नेचिंग की वारदात हुई, जिसका सीसीटीवी वीडियो सोमवार को सामने आया है। घटना ने एम्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…


