भोपाल के आधुनिक स्लॉटर हाउस की गाड़ी में मिले मांस में गोमांस की पुष्टि होने के बाद ‘शहर सरकार’ चारों तरफ से घिर गई है। विपक्ष लगातार महापौर और एमआईसी (मेयर इन कौंसिल) का इस्तीफा मांग रहा है। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि एमआईसी की मीटिंग में स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव पास कर दिया गया। न तो परिषद में प्रस्ताव लाया गया और न ही शहर को बताया। यह स्लॉटर हाउस 20 साल के लिए दिया गया है। इधर, सोमवार को करणी सेना और हिंदूवादी संगठनों ने आईएसबीटी स्थित निगम दफ्तर का घेराव कर दिया। विरोध करते हुए उन्होंने महापौर मालती राय के पुतले का दहन भी किया। कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। किसी को भी नहीं बख्शा जाए। इस दौरान पुलिस भी पहुंची और लोगों को समझाइश दी। करणी सेना ने चेतावनी दी कि यदि पांच दिन में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो न सिर्फ पुतला जलाएंगे, बल्कि ऑफिस में ताले लगा देंगे। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन चला। समझाइश के बाद लोग माने और लौटे। मंत्री सारंग ने कहा- गोहत्या करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी कि जो नजीर बनेगी
स्लॉटर हाउस में गोमांस से जुड़े मामले पर मंत्री विश्वास सारंग ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गोमांस या गोकशी के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। चाहे व्यापारी हो या अधिकारी, यदि कोई भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस विषय में स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं। सरकार की मंशा साफ है कि ऐसे मामलों में उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई हो। ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपराध को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने कहा कि यदि प्रकरण में गोमाता की कटाई सिद्ध होती है तो उसे सामान्य अपराध नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि हत्या का गंभीर अपराध मानते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। मंत्री सारंग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल लोगों को कठोरतम दंड मिलना चाहिए। जिससे समाज में स्पष्ट संदेश जाए। मंत्री सारंग ने कहा कि गोमाता भारतीय संस्कृति और आस्था का केंद्र है और उसके संरक्षण के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई न बरती जाए और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा- दोषियों की चमड़ी उतार देंगे
नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी कहा कि इस मामले में अभी आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी चाहे छोटा हो या बड़ा, उसे नहीं बख्शेंगे। असलम चमड़ा हो या कहीं का चमड़ा, उसकी चमड़ी उतार दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव नगर निगम परिषद की बैठक में नहीं आया। कोई भी अपराधी या उसे संरक्षण देने वाले को नहीं छोड़ेंगे। नेता प्रतिपक्ष बोलीं- गोपनीय तरीके से एमआईसी ने संकल्प पास कर दिया
नेता प्रतिपक्ष जकी ने कहा कि मेयर इन कौंसिल परिषद की जानकारी, चर्चा एवं स्वीकृति के बिना महत्वपूर्ण एवं जनहित से जुड़े विषयों पर गोपनीय तरीके से संकल्प पारित किए जा रहे हैं। स्लॉटर हाउस से संबंधित संकल्प को महापौर परिषद ने बाहर-ही-बाहर पारित कर दिया। जिसकी नगर निगम परिषद के निर्वाचित पार्षदों को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। न ही विषय को परिषद की बैठक में रखा गया। यह कृत्य नगर निगम अधिनियम एवं परिषद की लोकतांत्रिक मर्यादाओं का घोर उल्लंघन है। वहीं, निर्वाचित पार्षदों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन के सिद्धांतों के विपरीत है। यह आशंका उत्पन्न करता है कि ऐसे निर्णय किसी दबाव, हितबद्धता अथवा अनियमितता के तहत लिए जा रहे हैं। इसके लिए महापौर एवं महापौर परिषद को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। डॉक्टर के सर्टिफिकेट के आधार पर मांस मुंबई भेजा
जिंसी स्थित भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गायों का वध किए जाने और गोमांस मुंबई भेजे जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन की सीधी भूमिका सामने आई है। नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी वह पत्र सामने आया है, जिसके आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी। 17 दिसंबर 2025 को जारी इस पत्र में नगर निगम के पशु चिकित्सक डॉ. बेनीप्रसाद गौर ने प्रमाणित किया कि स्लॉटर हाउस में बीते करीब दो सप्ताह में 15 वर्ष से अधिक उम्र की 85 भैंसों का वध किया गया। इसके बाद मांस को फ्रोजन मीट के रूप में पैक कर मुंबई भेजने की अनुमति दी गई। हैरत की बात है कि इसी खेप से पुलिस ने जो सैंपल लिए, उनमें गोमांस की पुष्टि हुई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्लॉटर हाउस में या तो गायों का वध हुआ या फिर नगर निगम स्तर पर मांस के प्रकार को लेकर गलत प्रमाणन किया गया। 15 व 16 दिसंबर की रात दो अलग-अलग वाहनों से गायों के 160 बछड़े स्लॉटर हाउस लाए गए थे। ये वाहन बैतूल के रास्ते भोपाल पहुंचे थे। इन्हीं का 26 टन मांस मुंबई भेजा जा रहा था। 17 दिसंबर की रात हिंदू संगठनों ने पुलिस कंट्रोल रूम के पास कंटेनर रोका। गोमांस होने की आशंका पर हंगामा हुआ। तब जहांगीराबाद थाना पुलिस ने मांस के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। ये खबर भी पढ़ें… क्या नगर निगम के कत्लखाने में कटी गायें? भोपाल में एक बार फिर गायों की मौत और गोमांस मिलने का मुद्दा सुर्खियों में है। नगर निगम के आधुनिक ‘कत्लखाना’ यानी, स्लॉटर हाउस की जिस गाड़ी से 26 टन मांस जब्त हुआ, उसमें गोमांस की पुष्टि हुई है। इसे लेकर शुक्रवार को कांग्रेसियों ने नगर निगम का दफ्तर घेरा और सवाल पूछा कि भोपाल में गोमांस कैसे बिक रहा है? उन्होंने ठेकेदार के घर पर बुलडोजर चलाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।पूरी खबर पढ़ें पुलिस मुख्यालय के सामने मांस से भरा ट्रक पकड़ाया भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सामने मांस से भरा ट्रक पकड़े जाने के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। हिंदूवादी संगठनों ने जांच रिपोर्ट में गोमांस का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। माहौल बिगड़ता देख नगर निगम ने स्लॉटर हाउस सील कर दिया। बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कमिश्नर कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जांच रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि हो चुकी है।पूरी खबर पढ़ें


