राजधानी भोपाल में इंटरनेशनल लेवल का दूसरा कन्वेंशन सेंटर बनेगा। 6 एकड़ में बड़ी इमारत बनेगी। इसमें न सिर्फ ऑडिटोरियम और बैंक्वेट हॉल होगा, बल्कि 5 सुईट और 10 रूम भी होंगे। प्राइवेट डाइनिंग में कुल 57 लोग एक साथ बैठकर लंच या डिनर कर सकेंगे। दो फ्लोर की बिल्डिंग बनाने में करीब 110 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कन्वेंशन सेंटर के लिए भूमिपूजन किया। इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी मौजूद रहे। इस माैके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 21वीं शताब्दी भारत की होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा कोई क्षेत्र नहीं छोड़ा, जहां विकास न हुआ हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का नाम देश-दुनिया में पर्यटन के कारण और अधिक प्रसिद्ध हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा, “आज हमने नए माधव टाइगर रिजर्व की भी घोषणा की है। टाइगर और उसकी मादाएं अपनी टेरिटरी का भ्रमण करती हैं और अब हम ‘टाइगर स्टेट’ हैं।” उन्होंने कहा कि नेशनल पार्क के माध्यम से राजधानी का गौरव बढ़ा है। बता दें कि नया सेंटर मौजूदा कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) के ठीक पीछे रहेगा। पहले यहां मछली घर था। साल 2026 के आखिरी तक कन्वेंशन सेंटर बन जाएगा। डिजाइन मिंटो हॉल जैसे ही
नया कन्वेंशन सेंटर हुबहु मिंटो हॉल जैसा ही बनेगा। दोनों परिसरों को एक कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम इस समय ओरछा और भोपाल के कन्वेंशन सेंटर पर काम कर रहा है। दोनों प्रोजेक्ट के लिए 131 करोड़ रुपए की राशि मिल चुकी है। ऐसा दिखेगा कन्वेंशन सेंटर… ऐसा बनेगा कन्वेंशन सेंटर 300 कारों की पार्किंग भी
नए सेंटर में 1500 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम और 2000 लोगों की क्षमता वाला बैंक्वेट हॉल होगा। यानी कुल 3500 लोगों के आयोजन हो सकेंगे। मिंटो हॉल में अब तक बैंक्वेट हॉल की कमी थी। नए सेंटर में 300 कारों की पार्किंग और 15 आधुनिक कमरे होंगे। इसके अलावा, एग्जीबिशन और सम्मेलन के लिए बड़े लॉन भी होंगे। तालाब का नजारा दिखेगा
इस कन्वेंशन सेंटर के सामने छोटा तालाब है। यानी, मेहमानों को तालाब का आकर्षक नजारा दिखाई देगा।


