भोपाल में मिले गोमांस का मामला:भोपाल के युवा संगठन ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, जांच कमेटी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

भोपाल में 26 टन संदिग्ध मांस से जुड़े मामले ने अब सियासी और सामाजिक स्तर पर और तूल पकड़ लिया है। सेवा संकल्प युवा संगठन ने इस पूरे घटनाक्रम को गो हत्याकांड बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का आरोप है कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो स्वतंत्र जांच कमेटी बनी और न ही जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई हुई। पत्र में क्या कहा गया
संगठन के अध्यक्ष प्रकाश मालवीय ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में उल्लेख किया है कि 17 दिसंबर 2025 को भोपाल में 26 टन गौमांस से भरा कंटेनर पकड़ा गया था। पुलिस ने ट्रक को जब्त किया, लेकिन बिना जांच रिपोर्ट आए और बिना किसी कानूनी कार्रवाई के तीन दिन के भीतर ही वाहन छोड़ दिया गया। बाद में मथुरा की फोरेंसिक लैब से आई रिपोर्ट में मांस के गोवंश से संबंधित होने की पुष्टि हुई। पत्र में कहा गया है कि इस खुलासे के बाद प्रदेशभर के गो सेवकों और हिंदू संगठनों में भारी रोष है। भोपाल में लगातार धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित सख्ती नजर नहीं आ रही। नगर निगम और प्रशासन पर सवाल
संगठन ने सवाल उठाया है कि जब नगर निगम परिषद के अध्यक्ष और एमआईसी सदस्य भी एफआईआर दर्ज करने की बात कह रहे हैं, तो फिर अब तक इस मामले में स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं हुई। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई दिखाने के लिए कदम उठाए गए, जबकि असली जिम्मेदार अब भी जांच के दायरे से बाहर हैं। स्लॉटर हाउस और साजिश की आशंका
पत्र में स्लॉटर हाउस के संचालन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। संगठन का दावा है कि पहले भी जनप्रतिनिधियों की आपत्ति के बाद स्लॉटर हाउस को रोका गया था, फिर किन परिस्थितियों में इसे दोबारा शुरू किया गया, इसका खुलासा होना चाहिए। संगठन ने इस पूरे मामले को सरकार और पार्टी की छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है। प्रधानमंत्री से सीधी मांग
सेवा संकल्प युवा संगठन ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि भोपाल गो हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की जाए और सात दिन के भीतर ठोस निर्णय लिया जाए। साथ ही दोषी चाहे नेता हों, अधिकारी हों या कर्मचारी सभी को कठोरतम सजा देने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ये खबर भी पढ़ें… स्लॉटर हाउस का मकसद-शर्तें क्या? हर कड़ी की पड़ताल भोपाल में गोमांस मिलने के मामले में अब आधुनिक स्लॉटर हाउस से जुड़ी पूरी फाइल की गहन जांच की तैयारी है। नगर निगम के उच्च स्तर पर निर्णय लिया गया है कि टेंडर की शर्तें तय होने से लेकर टेंडर आवंटन और अंत में कमिश्नर के हस्ताक्षर तक की हर कड़ी की पड़ताल होगी। ताकि, स्पष्ट हो सके कि करीब 100 करोड़ की सरकारी जमीन पर 33 करोड़ रुपए की लागत से मॉर्डन स्लॉटर हाउस के प्रोजेक्ट, किस उद्देश्य से और किन शर्तों पर तैयार की।पूरी खबर पढ़ें

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