मध्यप्रदेश में कार्यरत संविदा अधिकारी और कर्मचारियों की सालों पुरानी मांगों को लेकर एक बार फिर भोपाल में जमावड़ा हुआ है। प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने 30 जनवरी को न्यू दशहरा मैदान में विशाल महासम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन की खास बात यह रही कि इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार को चलाने और योजनाओं को कारगर बनाने में सबसे अहम योगदान संविदा कर्मचारियों का है। सरकार की हर जनकल्याणकारी योजना में संविदा कर्मचारियों की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी श्रीराम को हनुमान की थी। संयुक्त आवाहन पर हो रहा आयोजन इस महासम्मेलन का आयोजन संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के प्रदेश संयोजक दिनेश तोमर, डी. के. उपाध्याय, महामंत्री सजल भार्गव, अभय वाजपेई, सुरेन्द्र रघुवंशी तथा संस्थापक प्रांताध्यक्ष मोबाइल स्त्रोत सलाहकार संघ मध्यप्रदेश के. के. शर्मा और अरविंद यादव के संयुक्त आवाहन पर किया जा रहा है। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि संविदा कर्मचारियों के हितों को लेकर लंबे समय से संघर्ष जारी है और यह सम्मेलन उस संघर्ष को नई दिशा देगा। सभी विभागों के संविदा कर्मी हुए शामिल संविदा संयुक्त मंच के जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस महासम्मेलन में सर्व शिक्षा अभियान, स्वास्थ्य विभाग, आजीविका मिशन, मनरेगा, महिला एवं बाल विकास, वाटरशेड, कृषि विभाग सहित शासन की सभी योजनाओं और विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। मंच का दावा है कि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी सरकार को संविदा कर्मियों के हित में ऐतिहासिक और सकारात्मक फैसले लेने के लिए मजबूर करेगी।


