बालोद| पर्यटक स्थल कैलाश भोला पठार में दो दिवसीय महाशिवरात्रि मनाई। धार्मिक मान्यता के अनुसार त्रेतायुग में बाबा भोलेनाथ माता सती के साथ कुछ समय के लिए यहां ध्यान में बैठे थे, इसलिए यह स्थान तपस्या और साधना का भी प्रमुख केंद्र माना जाता है। महाशिवरात्रि पर नवदंपत्तियों और श्रद्धालुओं ने ॐ नमः शिवाय का मंत्र जाप किया। इस दौरान 25 नवदंपत्तियों ने संतान प्राप्ति के लिए, जबकि 30 शिक्षित बेरोजगार और रोगी भक्त अपने नौकरी पाने और रोगों से मुक्ति के लिए मंत्र जाप में भाग लिया। दूसरे दिन सोमवार को दोपहर 12 बजे पूर्णाहुति (हवन), महाआरती और महाप्रसादी का आयोजन हुआ। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मंदिर प्रसादी ईश्वर साहू और टुमनलाल यादव दी गई। इस दौरान अध्यक्ष रामजी ठाकुर , सचिव पुरुषोत्तम निषाद,भुवन लाल उइके, महेंद्र तारम, सुखचंद नागवंशी का सहयोग रहा।


