भ्रष्टाचार का कार्यालय… कर्मचारी प्रमोशन पाकर अफसर बने, पर भ्रष्टाचार में फंसे; तीन साल में ऐसे तीन सीओ धराए

रांची शहर के अंचलाधिकारी मुंशी राम को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को 37 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार कर लिया।शुक्रवार को उसे जेल भेज दिया गया। महज 3 कट्ठा 8 छटाक जमीन के सीमांकन के लिए सीओ ने 50 हजार रुपए घूस की मांग की थी। दो वर्ष से आवेदक को दौड़ाने के बाद 37 हजार रुपए में मामला तय हुआ था। मुंशी राम इकलौते सीओ नहीं हैं जो घूस लेते एसीबी के हत्थे चढ़े। इससे पूर्व भी करीब चार सीओ और आधा दर्जन राजस्व निरीक्षक घूस लेते गिरफ्तार हो चुके हैं। पिछले चार वर्षों में भ्रष्टाचार में फंसने की पड़ताल की गई तो पता चला कि चार सीओ में तीन ऐसे थे, जिन्होंने काफी मेहनत करके सफलता पाई। कर्मचारी से अफसर बने, लेकिन पैसे की भूख ने इन्हें जेल पहुंचा दिया। पढ़िए ऐसे ही भ्रष्ट अफसरों की कहानी… मुख्य रोड में जमीन तो घूस की सीमा नहीं सीएम हेमंत सोरेन ने पिछले दिनों राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए अफसरों को दो टूक कहा था कि अंचल कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएं। कठोर कार्रवाई करें। दैनिक भास्कर ने रांची के अंचलों की पड़ताल की तोे कर्मचारियों और कई आवेदकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि घूस दिए बिना एक भी जमीन का म्यूटेशन नहीं होता। पैरवी होने के बाद भी पैसा देना पड़ता है। मुख्य रोड में जमीन है तो घूस की रकम की कोई सीमा नहीं है। वैसे सामान्य केस में प्रति डिस​िमल 5 से 10 हजार रुपए तय है। म्यूटेशन के रिजेक्ट मामलों में आवेदक संबंधित सीओ, कर्मचारी से डील नहीं करता, इसलिए रिजेक्ट किया जाता है। घूस के लिए नौकरी ही दांव पर लगा दी प्रदीप कुमार, सीओ, रातू क्यों फंसे: 39.5 डिसमील जमीन के म्यूटेशन के लिए 25 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार हुए। कैसे फंसे- राजस्व उप निरीक्षक और एक जमीन दलाल ने घूस तय की। कार्यालय में पैसे लेते पकड़े गए। सरकारी कार्यालयों में काम के बदले पैसे मांगे तो एसीबी के हेल्पलाइन नंबर 9431105678, 06512710001 या 1064 दें सूचना भ्रष्टाचार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के डीजी अनुराग गुप्ता ने भ्रष्टाचारियों पर बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। कहा है कि सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस नीति के तहत कार्य करेगी। सरकारी कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए अगले 15 दिनों में राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों के बाहर एसीबी हेल्पलाइन बोर्ड लगाएगा। इसमें एसीबी के नंबर 9431105678, 06512710001 या 1064 को डिस्प्ले होंगे। इन नंबरों पर आम लोग शिकायत कर सकते हैं। सामान्य केस में घूस की रकम प्रति डिसमिल 5 से 10 हजार रुपए तय ऐसे चढ़े सफलता की सीढ़ी- कांके अंचल में राजस्व निरीक्षक थे। इसके बाद भू-राजस्व विभाग में भेजे गए। प्रमोशन के बाद 2021 में रातू के सीओ बने थे। जमीन मापी से लेकर कागजात की गड़बड़ी सुधारने के लिए भी रकम तय अंचलों में घूस दिए बिना नहीं होता म्यूटेशन ये राजस्वकर्मी भी फंसे… रातू के राजस्व उप निरीक्षक सुनील सिंह को भी एसीबी ने 2021 में घूस लेते गिरफ्तार किया। इससे पहले भी वे एसीबी के हत्थे चढ़ चुके थे। धनबाद के निरसा अंचल के राजस्व उप निरीक्षक संतोष मिश्रा को जमीन के म्यूटेशन के एवज में 1500 रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले भी 5 हजार रुपए घूस लेते पकड़े गए थे। गिरिडीह के तिसरी अंचल में राजस्व उप निरीक्षक राम नरेश चौधरी को एसीबी ने पिछले वर्ष 5 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया था। राजधनवार अंचल में रामजी प्रसाद गुप्ता 3 वर्ष पहले जमीन के कागजात दुरुस्त करने के एवज में 5000 रु. घूस लेते गिरफ्तार किए गए थे। 22 अचंल में 1,83,362 म्यूटेशन स्वीकृत, 2,71,176 रद्द अंचल स्वीकृत रद्द अनगड़ा 3625 6866 अरगोड़ा 8195 13542 इटकी 2934 2145 आेरमांझी 8877 15700 कांके 35295 53771 खलारी 621 1222 चान्हो 4951 4993 तमाड़ 1607 2054 नगड़ी 17941 27075 नामकुम 39089 48302 बड़गाई 10739 18529 अंचल स्वीकृत रद्द बेड़ो 4551 3082 बुढ़मू 3985 4633 बुंडू 3763 3806 मांडर 5637 5000 रातू 16913 25875 राहे 769 1101 लापुंग 744 570 शहर 3252 14049 सिल्ली 1879 2554 सोनाहातू 974 1738 हेहल 7021 14569 ऐसे चढ़े सफलता की सीढ़ी- राजस्व निरीक्षक थे। 2019 में प्रमोशन के बाद सीआे बने। पलामू आैर गढ़वा में सीआे रहे। अगस्त2023 में रांची के सीआे बने। नोट : रांची रेकर्ड रूम के लिपिक रहे यादव बैठा जेपीएससी सीमित सेवा परीक्षा पास कर सीओ बने। पोस्टिंग के बाद सीओ रहते हुए घूस लेते पकड़े गए। मुंशी राम, सीओ शहर क्यों फंसे: सिरमटोली में 3 कट्टा 8 छटाक जमीन के सीमांकन के लिए 37 हजार रुपए घूस ले रहे थे। कैसे फंसे- जमीन मालिक को फोन करके सिरमटोली चौक के पास बुलाया और वहीं डील की।

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