भ्रामक प्रचार व सेवा में कमी पड़ी भारी: ‘फिजिक्स वाला’ को 9% ब्याज सहित फीस लौटाने के आदेश

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग सवाई माधोपुर ने कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए फिजिक्स वाला कोचिंग संस्थान को अनुचित आचरण, भ्रामक प्रचार और सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग ने संस्थान को निर्देश दिए हैं कि वह परिवादी से वसूली गई कोचिंग फीस 42 हजार 817 रुपए 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाए, साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति एवं परिवाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए अलग से अदा करे। परिवादी के अधिवक्ता हरिप्रसाद योगी ने बताया कि बजरिया निवासी नंदकिशोर पाठक ने अपने पुत्र को आईआईटी एवं जेईई परीक्षा की तैयारी के लिए जयपुर स्थित फिजिक्स वाला कोचिंग संस्थान में वर्ष 2024 से 2026 तक के कोर्स में दाखिला दिलवाया था। इसके लिए 17 जून 2024 को 5 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क और 18 जून 2024 को अन्य शुल्क सहित कुल 49 हजार 817 रुपए जमा करवाए गए। परिवादी का आरोप था कि कोचिंग में वादे के अनुसार शैक्षणिक सुविधाएं और गुणवत्ता उपलब्ध नहीं कराई गई। असंतोषजनक व्यवस्थाओं के चलते उन्होंने कोचिंग छोड़ दी और जमा करवाई गई फीस लौटाने की मांग की, लेकिन संस्थान प्रबंधन ने राशि वापस करने से इनकार कर दिया। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने पाया कि कोचिंग संस्थान द्वारा भ्रामक प्रचार के जरिए फीस वसूली व सेवाओं में स्पष्ट कमी रही। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने फिजिक्स वाला प्राइवेट लिमिटेड जयपुर के प्रबंधक और नोएडा (यूपी) स्थित मुख्य प्रबंधक को आदेश दिए कि वे निर्णय की तिथि से दो माह के भीतर 42 हजार 817 रुपए की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाएं तथा मानसिक क्षतिपूर्ति और परिवाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए अतिरिक्त भुगतान करें। यह फैसला कोचिंग संस्थानों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि भ्रामक दावों व लापरवाही की कीमत चुकानी पड़ेगी।

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