चित्तौड़गढ़ जिले के मंगलवाड़ थाना क्षेत्र के किशोरजी का खेड़ा गांव में फायरिंग की घटना से अफरा-तफरी मच गई। यहां एक युवक पर उसके ही चचेरे भाई ने गोली चला दी, लेकिन निशाना चूक गया और गोली उसके साथ आए दोस्त को लग गई। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई और आरोपी अपनी गाड़ी छोड़कर मौके से भाग निकला। पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी करवाकर उसकी तलाश शुरू कर दी है। जमीन विवाद बना फायरिंग की वजह ASI प्रेमनाथ ने बताया कि, उदयपुर जिले के वल्लभनगर थाना क्षेत्र के अघोरिया निवासी नरेश जाट और उसके चचेरे भाई सुनील के बीच काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते शनिवार सुबह नरेश ने सुनील की मां के साथ मारपीट कर दी। यह बात सुनील को पसंद नहीं आई और उसने वल्लभनगर थाने में नरेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सुनील अपने दोस्त राजू धनगर के साथ चित्तौड़गढ़ जिले के किशोरजी का खेड़ा गांव पहुंचा, जहां उसका एक जानकार युवक सड़क हादसे में मरा था और दोनों शोक जताने आए थे। पीछा करते हुए गांव पहुंचा आरोपी, देखते ही चला दी गोली थाने में रिपोर्ट दर्ज होते ही नरेश जाट और भी गुस्से में आ गया। सूचना मिलने पर वह सुनील को खोजते हुए किशोरजी का खेड़ा गांव पहुंच गया। वहां उसने सुनील को देखा और बिना कुछ सोचे-समझे सीधे उस पर फायर कर दिया। सुनील किसी तरह बच गया, लेकिन गोली उसके दोस्त राजू धनगर के कूल्हे में जा लगी। गोली लगते ही राजू गिर पड़ा और मौके पर लोग इकट्ठा हो गए। फायरिंग की आवाज से पूरे गांव में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। घायल को उदयपुर रेफर, हालत खतरे से बाहर फायरिंग होते ही सुनील और गांव के अन्य लोग घायल राजू को संभालकर मंगलवाड़ हॉस्पिटल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार होने के बाद डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे उदयपुर के महाराणा भूपाल हॉस्पिटल रेफर कर दिया। पुलिस ने हॉस्पिटल पहुंचकर घायल राजू और सुनील दोनों से बयान लिए। डॉक्टरों के अनुसार गोली राजू के कूल्हे में लगी है और उसकी हालत खतरे से बाहर है। ब्रेज़ा कार मौके पर छोड़ी, आरोपी पैदल भागे मंगलवाड़ पुलिस को सुबह करीब 11 बजे फोन पर फायरिंग की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना इंचार्ज पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार आरोपी नरेश जाट और उसका साथी भूपेन्द्र मारवाड़ा ब्रेज़ा कार से आए थे। फायरिंग करने के बाद दोनों युवक कार वहीं छोड़कर पैदल ही खेतों की तरफ भाग निकले और गांव से बाहर जाकर एक ऑल्टो कार में फरार हो गए। इसके बाद चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जिले की सीमाओं पर सख्त नाकाबंदी करवाई गई। उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे, जांच तेज घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप अधीक्षक भदेसर भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी लेकर टीमों को जरूरी निर्देश दिए। पुलिस ने मौके पर एमआईयू टीम को बुलाकर प्रारंभिक जांच करवाई और FSL टीम को भी बुलाया गया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। शोक जताने पहुंचे थे युवक, वहीं हो गई फायरिंग एएसआई प्रेम शंकर ने बताया कि सुनील का एक करीबी मित्र, जो किशोरजी का खेड़ा गांव का रहने वाला था, कुछ दिन पहले सड़क हादसे में मारा गया था। उसी की मृत्यु पर शोक जताने वह राजू के साथ गांव आया था। संभव है कि यह जानकारी नरेश तक पहुंच गई, और वह भी उनके पीछे-पीछे गांव आ गया। जैसे ही उसने सुनील को देखा, गुस्से में फायर कर दिया। अगर गोली सुनील को लगती, तो मामला और गंभीर हो सकता था, लेकिन दुर्भाग्य से उसका मित्र राजू घायल हो गया। पुलिस सतर्क, आरोपियों की तलाश जारी घटना के बाद मंगलवाड़, निकुम्भ, बड़ीसादड़ी और भदेसर थानों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पूरे इलाके में नाकाबंदी कर दी गई है और पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी जल्द ही गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। घटना से गांव में दहशत के साथ-साथ जमीन विवादों के बढ़ते मामलों पर भी चिंता बढ़ गई है।


