मंडला का नाम बदलने के आरोप में गोंगपा का विरोध:कहा- इतिहास को कमजोर करने की साजिश, प्रशासन बोला- ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं

मंडला का नाम बदलकर ‘माहिष्मती नगरी’ किए जाने की चर्चाओं के विरोध में मंगलवार को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर में विशाल रैली निकालकर अपना विरोध जताया और पीएचई मंत्री संपतिया उइके का पुतला दहन किया। गोंगपा नेताओं ने इसे आदिवासी इतिहास को मिटाने की साजिश करार दिया है। गोंडवाना के इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं: मरकाम महात्मा गांधी स्टेडियम में आयोजित आमसभा को संबोधित करते हुए गोंगपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने कहा कि मंडला गोंडवाना की ऐतिहासिक राजधानी और आदिवासियों के स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मंडला का प्राचीन नाम ‘मंडना’ था, जबकि माहिष्मती का संबंध खरगोन-धार क्षेत्र से है। मरकाम ने चेतावनी दी कि शंकर शाह, रघुनाथ शाह और रानी दुर्गावती के गौरवशाली इतिहास को बदलने की किसी भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। कलेक्ट्रेट कूच और पुतला दहन किया सभा के बाद हजारों की संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। पुलिस ने यातायात थाने के पास बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिससे वहां काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मंत्री का पुतला फूंका। इसके बाद अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नाम न बदलने की मांग रखी गई। गोंगपा के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम ने आरोप लगाया कि आयोजनों और स्थानों के नाम बदलना एक गहरी साजिश का हिस्सा है। प्रशासन की सफाई: नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं विरोध प्रदर्शन और अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। एडिशनल एसपी शिवकुमार वर्मा ने बताया कि मंडला का नाम बदलने को लेकर शासन स्तर पर न तो कोई प्रस्ताव है और न ही कोई निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल जिले में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नाम बदलने की चर्चाओं को लेकर दिनभर राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। अक्टूबर में मंत्रियों के दिए गए बयानों पर जताया विरोध दरअसल, यह विवाद अक्टूबर माह में मंडला में आयोजित कलचुरी समाज के एक कार्यक्रम से शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल और पीएचई मंत्री संपतिया उइके शामिल हुई थीं। समाज द्वारा मंडला में माहिष्मती नगरी होने के प्रमाणों का हवाला देते हुए इसे माहिष्मती नगरी घोषित करने की मांग रखी गई थी। मंत्रियों के उस दौरान दिए गए बयानों को लेकर अब गोंगपा विरोध कर रही है। मंगलवार को मंडला स्टेडियम के नजदीक निषादराज मंगल भवन के सामने एक विशाल आम सभा आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम, महासचिव अमान सिंह पोर्ते, प्रदेश अध्यक्ष इंजी. कमलेश तेकाम, डॉ. आनंद राय सहित राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न जिलों के अध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभा के पश्चात कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया।

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