मंडला जिले के निवास में गुरुवार रात रावण दहन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। दरअसल, परंपरा के अनुसार निवास स्टेडियम में सभी प्रतिमाएं और राम की झांकियां एकत्र होने के बाद ही रावण दहन किया जाता है, जिसके उपरांत चल समारोह विसर्जन के लिए निकलता है। इस बार कुछ समितियों और झांकियों के पहुंचने से पहले ही रावण दहन कर दिया गया, जिससे माहौल बिगड़ गया। रावण दहन की जानकारी मिलते ही कई समितियों के लोग आक्रोशित हो गए। गुस्साए लोगों ने निवास थाने का घेराव किया और नगर परिषद की चार पहिया गाड़ियों को पलट दिया। कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ भी की गई। अचानक उपजे तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। देर रात तक एसडीएम सीएल वर्मा और एसडीओपी मौके पर मौजूद रहे और समितियों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। इसके बाद मामला शांत हुआ और प्रतिमाओं का चल समारोह निकला, जिसके उपरांत प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ। SDM बोले- प्रशासन सिर्फ व्यवस्थाएं करता है एसडीएम सीएल वर्मा ने बताया कि शांति समिति की बैठक में ही सभी कार्यक्रम और उनकी रूपरेखा तय की जाती है। प्रशासन सिर्फ व्यवस्थाएं सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि रावण दहन के समय को लेकर कुछ लोग नाराज थे, लेकिन समझाइश और बातचीत से स्थिति काबू में आ गई। विवाद के दौरान की तस्वीरें…


