मंडला के पुलिस कंट्रोल रूम में “अपराधों की विवेचना और निराकरण” विषय पर रविवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें एसडीओपी पीएस वालरे ने 50 से भी अधिक उप निरीक्षक से लेकर प्रधान आरक्षक रैंक के पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में एसडीओपी वालरे ने नए कानून की जानकारी, विवेचना के विभिन्न पहलुओं और विवेचना की बारीकियों को पीपीटी के माध्यम से समझाया और अपने अनुभव साझा किए। साथ ही नए कानून के वैज्ञानिक पहलुओं पर जानकारी देते हुए ई-साक्ष्य एप के माध्यम से डिजिटल साक्ष्यों के संकलन और न्यायालय में साक्ष्यों के महत्व पर जानकारी साझा की। प्रशिक्षण के अंतिम सेशन में एसपी रजत सकलेचा ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों और कार्यस्थल पर महिलाओं के शोषण से जुड़े मामलों में विवेचना और त्वरित निराकरण के दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने घटनास्थल की फोटोग्राफी, फॉरेंसिक साक्ष्य संग्रह और उनके सुरक्षित प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी। साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के तरीकों पर चर्चा की।


