झालावाड़ के मंडावर कस्बे में स्थित पुलिस चौकी में पिछले तीन साल से कोई स्टाफ तैनात नहीं है। शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर इस चौकी में जाब्ता न होने के कारण शराबी और असामाजिक तत्व रात के समय कस्बे में घूमते रहते हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शाम होते ही बाहरी लोगों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि मंडावर में मुख्य थाना चौकी से 5 किलोमीटर दूर है। किसी भी प्रकार का झगड़ा होने पर पुलिस को मौके पर पहुंचने में काफी समय लगता है। इसके अलावा, पुलिस चौकी पर थाने का दूरभाष नंबर या बीट प्रभारी का नंबर भी चस्पा नहीं है, जिससे ग्रामीणों को पुलिस से संपर्क करने में कठिनाई होती है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले चौकी पर हेड कांस्टेबल तैनात थे, लेकिन उनके पदोन्नति के बाद से किसी को स्थायी रूप से नियुक्त नहीं किया गया है। दिनभर गांवों में भीड़भाड़ रहती है, लेकिन रात के समय असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे विवाद की स्थिति बनी रहती है। देखभाल के अभाव में अब चौकी भी जर्जर हालत में पहुंच गई है, जिससे रात के समय चोरी जैसी घटनाएं भी होती रहती हैं। कुलदीप, सोनू, विजय सिंह और राजू सहित कई ग्रामीणों ने पुलिस चौकी में स्टाफ तैनात करने और जर्जर भवन की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह मुद्दा कई बार सीएलजी बैठकों में भी उठाया है।


