हिमाचल की राजधानी शिमला के पंथाघाटी में पांच मंजिला बिल्डिंग के आगे लगी सेफ्टी-वॉल भरभराकर गिर गई। इससे बिल्डिंग को खतरा पैदा हो गया। हमीरपुर के सुजानपुर में भी पहाड़ी से पत्थर गिरने के बाद लोग जान बचाकर भागे। वहीं, धर्मपुर में भारी बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए सब डिवीजन के सभी शिक्षण संस्थान कल बंद रहेंगे। उधर, मंडी के निहरी के ब्रगटा गांव में लैंडस्लाइड से मकान ढह गया। इसमें एक ही परिवार के 5 लोग मलबे में दब गए। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। मंडी के दरंग में भी आज सुबह मंदिर से लौट रहे दो चचेरे भाई सुमा खड्ड के तेज बहाव में बह गए। इनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। मंडी के धर्मपुर में भी बीती रात भारी बारिश के बाद सोन खड्ड (नाले) में खूब तबाही मचाई। तेज बारिश के बाद नाले में बाढ़ से बस-स्टैंड में पार्क 24 सरकारी बसें पानी के तेज बहाव में बहीं। कई बसें पलट गई। SHO धर्मपुर विनोद ने बताया- ट्रैवलर ड्राइवर और एक मेडिकल स्टोर संचालक अभी लापता है। बीती रात में शिमला में सबसे ज्यादा 144 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे शिमला के हिमलैंड, बीसीएस और पांजली लैंडस्लाइड में 20 से ज्यादा गाड़ियां मलबे में दब गईं। हिमलैंड में लैंडस्लाइड के बाद शिमला की लाइफ लाइन कहे जाने वाला सर्कुलर रोड सुबह 6 घंटे तक बंद रहा। वहीं, मुख्यमंत्री सुॅखविंदर सुक्खू ने कहा- बीती रात शिमला, मंडी और कांगड़ा में काफी नुकसान हुआ है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। उनके तीन मंत्री फील्ड में खुद जायजा ले रहे हैं। वह खुद भी डीसी से संपर्क में है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज 6 जिलों बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में बारिश का यलो अलर्ट जारी कर रखा है। बारिश-लैंडस्लाइड से नुकसान के PHOTOS… बारिश-लैंडस्लाइड से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…


