मंत्रालय के सामने घूम रहा बेसहारा गायों का झुंड:विधायक बोले- गौमाता ने ही बता दिया वे असुरक्षित हैं, अब अफसरों पर हो कार्रवाई

रात 10:12 बजे, मंत्रालय के सामने करीब दो दर्जन गायें कतार में जाती हुई दिखीं। अचानक, एक बाइक सवार गायों के सामने आने से असंतुलित हो गया, लेकिन उसने किसी तरह बाइक संभाल ली और निकल गया। मंत्रालय के सामने बेसहारा गायों का झुंड देखकर यह साफ हो गया कि सरकार और मंत्रियों के दावे केवल कागजी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो दूर, राजधानी भोपाल में ही गायें बेसहारा घूमती नजर आ रही हैं। शिवराज सरकार ने बनाई थी गौ-कैबिनेट मध्य प्रदेश में गौ संवर्धन और संरक्षण के लिए शिवराज सरकार ने गौ कैबिनेट का गठन किया था। शिवराज सरकार ने गौ कैबिनेट के जरिए गोवंश के संरक्षण के लिए प्रयास करने के दावे किए थे। मोहन सरकार ने भी हाईवे से गोवंश को गौशालाओं में शिफ्ट करने के कई बार दावे किए। पशुपालन मंत्री लखन पटेल कहते हैं कि, सरकार 10 हजार क्षमता वाली बड़ी गौशालाएं बनवाने जा रही हैं। लेकिन, हकीकत ये है कि गोवंश मप्र के दूरस्थ जिलों और ग्रामीण इलाकों में किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बेसहारा गोवंश हाईवे पर हादसों की वजह भी बन रहा है। ये हालात भोपाल में भी बने हुए हैं। कांग्रेस विधायक बोले- अब तो गौमाता ने खुद वल्लभ भवन पहुंचकर हकीकत बता दी
मंत्रालय के सामने गायों के घूमने को लेकर मुरैना से कांग्रेस विधायक और किसान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर ने कहा- मप्र की विधानसभा में मुख्यमंत्री जी और बीजेपी के मंत्रियों, विधायकों ने कहा था- हम गौमाता को संरक्षण देंगे। उनकी व्यवस्थाएं करेंगे। गौमाता को हाईवे पर मरने नहीं देंगे। आवारा पशुओं से किसानों की फसलें नष्ट नहीं होने देंगे। उन्होंने ये भी कहा था कि, हम ऐसा कानून बनाएंगे कि हाईवे पर यदि गौमाता दिखी तो उस पंचायत और उस क्षेत्र के जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेंगे? विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा- मेरी मांग है कि सबसे पहले मप्र के मुख्य सचिव पर मुकदमा कायम होना चाहिए। क्योंकि उनके मंत्रालय के सामने गाय आवारा की तरह घूम रही हैं। मप्र की राजधानी भोपाल में मंत्रालय के सामने आवारा पशु घूम रहे हैं तो मप्र के क्या हालात होंगे? किसान किस तरह जूझ रहा है, फसलें बर्बाद हो रहीं हैं। गौमाता सड़कों पर दुर्घटनाग्रस्त हो रहीं हैं। ये भी खबर पढ़ें… एमपी में गोवंश के लिए बनेंगे गो वन्य विहार पशुपालन एवं डेयरी विभाग मंत्री लखन पटेल ने कहा, ‘हम 6 जिलों में गोवंश को सड़कों से हटाने के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी निर्देश दिए हैं। हमने अलग-अलग जिलों से प्रस्ताव मंगाए हैं। जहां 200 एकड़ से लेकर 500- 1000 एकड़ तक जमीन उपलब्ध है, वहां हम गो वन्य विहार बना रहे हैं।’ पढ़ें पूरी खबर।

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