मंत्री किरोड़ी ने खेत में जाकर पकड़ा फर्जीवाड़ा:ग्वार बीज की जगह उग रही थी कपास; बोले- सरकार की फर्में भी इसमें शामिल

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने शनिवार को ग्वार बीज उत्पादन के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े का खुलासा किया। कंपनी की ओर से खेत में ग्वार बीज उगाने का दावा किया जा रहा था, मंत्री ने जाकर देखा तो नरमा (कपास) की फसल खड़ी मिली। मंत्री किरोड़ी हनुमानगढ़ दौरे पर थे। इस दौरान मंत्री ने कहा- किसान की फसल अगर 80 रुपए किलो है तो उसी फसल को बीज के नाम पर 800 रुपए किलो में किसानों को ही बेचा जा रहा है। सरकार की फर्में भी इस घोटाले में शामिल है। निजी कंपनियों को बीज उपलब्ध कराने के लिए सरकार भी 50 प्रतिशत सब्सिडी देती है। सरकार को डबल मार हो रही है। ग्वार बीज का दावा, खेत में उग रही थी कपास
स्थानीय किसानों से मिली जानकारी के आधार पर कृषि मंत्री गांव के खेत में पहुंचे थे। कंपनी ने खेत मालिक से यह कहकर जमीन ली थी कि यहां ग्वार बीज उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए कंपनी ने समझौता भी किया था, लेकिन जब किरोड़ी मौके पर पहुंचे, तो खेत में नरमा (कपास) की फसल थी। यह देख मंत्री भी हैरान रह गए। किसान के नाम पर बना फर्जी एग्रीमेंट
इधर, खेत मालिक रामस्वरूप का कहना है कि उसने ऐसा कोई समझौता नहीं किया। जिस किसान के नाम पर कंपनी ने एग्रीमेंट तैयार किया, वह व्यक्ति उस गांव में है ही नहीं। मंत्री ने इसे सीधा-सीधा फर्जीवाड़ा करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक खेत की बात नहीं, बल्कि प्रदेशभर में बीज कंपनियों की मिलीभगत से किसानों के साथ धोखा हो रहा है। नकली बीज बनाकर बाजार में बेचती हैं कंपनियां
कृषि मंत्री ने बताया कि नियमानुसार बीज कंपनियों को खेत में फसल तैयार कर उससे बीज उत्पादन करना होता है, लेकिन कई कंपनियां बाजार से फसल खरीदती हैं और फिर उसे बीज बताकर बेचती है। इससे किसानों को नुकसान तो होता ही है, साथ ही खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
मौके पर नहीं पहुंचा कोई कृषि अधिकारी
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इतने बड़े बीज कार्यक्रम की न तो कोई सरकारी निगरानी थी, न ही कोई अधिकारी जांच के लिए खेत पर आया। मंत्री ने कहा कि विभाग की इस लापरवाही से ही फर्जी कंपनियों के हौसले बुलंद है। उन्होंने कृषि विभाग के अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। एसओजी या सीबीआई से जांच की मांग
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है। इसमें एसओजी या सीबीआई जैसी एजेंसी से जांच करवाई जानी चाहिए, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। उन्होंने कहा कि अगर दोषी पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। चाहे वो निजी कंपनी हो या सरकारी अफसर। ……. ये खबर भी पढ़ें… मंत्री किरोड़ी ने नकली खाद बनाने की फैक्ट्री पकड़ी: लोडिंग टेंपो में बैठकर पहुंचे; मार्बल पाउडर-बजरी और रंग मिलाकर बना रहे थे डीएपी कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने 11 जून को नकली खाद बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। यहां नकली डीएपी, एसएपी और पोटेशियम बनाया जा रहा था। फैक्ट्री पर छापा मारने के लिए मंत्र किरोड़ी लोडिंग टेंपो में बैठकर पहुंचे थे। फैक्ट्री किशनगढ़ के उदयपुर कलां क्षेत्र में थी। पूरी खबर पढ़ें…

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