केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने कहा- एसआईआर पूरा होने दो वोटर लिस्टें शुद्ध हो जाएगी तो शुद्ध मन से चुनाव होंगे। पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव एक साथ करवाएं। यह सीएम भजनलाल शर्मा का स्टैंड है। मैं उसका पुरजोर समर्थन करता हूं। बिना अशोक गहलोत का नाम लिए मंत्री ने जुबानी हमला करते हुए कहा- आज चुनाव की बातें कर रहे है मैं केवल स्मरण करवाना चाहता हूं कि पंचायती राज चुनावों को चार टुकड़ों में बांटने का पाप किसने किया था। जो पापी है उनको अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए दूसरों पर प्रश्न खड़े नहीं करने चाहिए। दरअसल, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को सामाजिक प्रोग्राम में शामिल होने के लिए जैसलमेर से बाड़मेर पहुंचे। सर्किट हाउस में जिला कलेक्टर टीना डाबी, एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने उनकी अगवाई। इस दौरान भाजपा नेताओं ने भी उनका स्वागत किया। मीडिया बातचीत में गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- देश में सुचिता, स्पष्टता, पारदर्शी, ईमानदारी के के साथ चुनाव हो, इसके लिए संविधान ने चुनाव आयोग की व्यवस्था की है। वोटर लिस्ट सही रहे और चुनाव ठीक से करवाने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। अपनी जिम्मेदारी का संविधानिक ढ़ंग से करने को अगर कोई ठीक से नहीं मान रहा है ऐसा लगता है कि अनुचित है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एसआईआर को लेकर स्टैंड क्लियर नहीं दूसरा मैं राजनीतिक परिदृश्य में बात करूं तो महाराष्ट्र का चुनाव हुआ और परिणाम आया था, बीजेपी और गठबंधन प्रचंड बहुमत से जीता था। तभी इसी कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि वोटर लिस्टें सही नहीं है। उसमें गड़बड़ है इसके कारण चुनाव का परिणाम इस तरीके से आया है। जब बिहार के चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पर काम करना शुरू किया। तो एसआईआर का विरोध किया। चुनाव के समय में क्यूं कर रहे है। अभी राजस्थान समेत 12 राज्यों में चुनाव आसन में नहीं है तब एसआईआर का काम शुरू किया तो विपक्ष कह रहा है कि जहां चुनाव नहीं है वहां पर क्यूं किया जा रहा है। मुझे लगता है कि उनको अपना स्टैंड तय कर लेना चाहिए। बिहार के चुनाव से पहले पत्रकारों को स्टेडियम में बैठाकर टीचर जैसे क्लास में पढ़ाते है वैसे क्लास ली। धूम धमाके के साथ घोषणा की हम हाइड्रोजन बम फोड़ने वाले है। जिसमें उन्होंने कहा कि इन-इन लोकसभा और विधानसभा में डुप्लीकेसी, थ्रीप्लीकेसी वोट है। इस कारण एक लाख वोट फर्जी है। जब फर्जी वोट का निस्तारण हो रहा है तो कह रहे है कि फर्जी वोट क्यूं हटाए जा रहे है। वो अपने स्टेंड पर क्लियर नहीं है। यह इसलिए है कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा ही इस तरीके के दुरविचार करके चुनाव जीतें है। 1960 के दशक से लेकर कई बार मत पेटियों को लूट करके, मत-पत्रों को इधर-उधर करके चुनाव के रिजल्ट को प्रभावित किया है। जीवनपर्यंत सत्ता इसी से प्राप्त की है। अब जब इवीएम से, ईमानदारी चुनाव होने लगा है। देश की राजनीतिक का नेरेटिव बदल गया है। नरेंद्र मोदी के 2014 में दिल्ली की राजनीति में आने के बाद जब राजनीति की धुरी विकास हो गई है। यह बंटवारे की राजनीति करने वाले लोगों के मुंह पर एक करारा तमाचा बिहार चुनाव के रिजल्ट से लगा है। जनता ने लगाया है। एक कहावत है कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे अब वो खंभे को नोचने का प्रयास कर रह है। मंत्रिमंडल विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकारी, चर्चा के लिए 5-7 मिनट काफी है मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर मंत्री ने कहा- यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। उनके लिए छोड़ देना चाहिए। जिनको जो जिम्मेदारी मिलेगी वो काम करेंगे। फिलहाल इस विषय पर कोई चर्चा हुई नहीं है। जब होगी तो इस विषय पर घंटों, महिनों की आवश्यकता नहीं होगी। 5-7 में मिनट में चर्चा हो जाएगी। जब कभी चर्चा होगी तो साथ में बैठकर निर्णय करना यह बीजेपी की कार्य पद्धति का हिस्सा है। लेकिन फिर कहूंगा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।


