मंत्री विश्नोई ने भजन गाकर विपक्ष पर कसा तंज:बोले- विपक्ष के साथियों की आदत गंदी पड़ गई, उनको अध्ययन करने की जरूरत है

बाड़मेर और बालोतरा का भूगोल बदलने के बाद राज्य मंत्री के.के. विश्नोई की धन्यवाद सभा रविवार रात को धोरीमन्ना में हुई। जिसमें मंत्री के.के. विश्नोई कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा रंग सुतो.. रंग मिल जाए.. गुणों री जोड़ी ना मिले यह अपनी पद्धति है बीजेपी की क्वालिटी अलग है। विपक्ष के लोगों की क्वालिटी अलग है। फिर भजन गाया। भाई म्हारा रंग स्यु तो रंग मिल जाए, गुणारी जोड़ी नाय मिले ! कागा कोयल एक ही रंग रा, बेठे एक ही ड़ाल ! कड्वो तो कागो बोले है, कोयल रस बरसाए !! गुणारी… गुणों का अंतर है। यही समझाना चाह रहा हूं। दरअसल, बाड़मेर और बालोतरा का भूगोल बदलने पर धोरीमन्ना के आलमसर मंदिर मैदान में धन्यवाद सभा और रात्रि जागरण का प्रोग्राम का आयोजन किया गया। उसमें मंत्री का पहले जोरदार हजारों की संख्या में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने स्वागत किया गया। मंत्री बोले- भीड़ देखकर अंदाजा लगा लो बालोतरा में शामिल होने पर स्वागत कर रहे लोग मंत्री ने मीडिया बातचीत में कहा- बीजेपी की पद्वति है कि हम कोई भी काम बिना जनता की राय लिए, बिना सहमति और ज्यादा लोग जब तक काम नहीं चाहे। तब तक ऐसे निर्णय लिया ही नहीं जाता है। लेकिन नई पीढ़ी जो आप देख रहे है। जोधपुर से शुरू हुआ स्वागत का सफर धोरीमन्ना में समाप्ति की तरफ है। कड़ाके की ठंड में आधी रात में इतनी भारी संख्या में लोग पहुंचे है। गुड़ामालानी और धोरीमन्ना को बालोतरा में शामिल करने पर खुशी जाहिर की और उसी रात में पटाखें फोड़कर खुशी जाहिर की। मुझे लगता है कि विपक्ष के साथियों को अध्ययन करने की आवश्यकता है। विपक्ष के साथियों की आदत खराब पड़ गई है मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा- विपक्ष के लोगों बोले से पहले बहुत कुछ सोचने की आवश्यकता है। क्या वो डोली गांव की चिंता कर रहे थे। जब जिला बाड़मेर ही था। उनके पास 70 साल थे। बालोतरा जिला पूर्ववर्ती सरकार के समय ही क्यूं बनाया। विपक्ष ने चौहटन से तीन किलोमीटर दूर के गांव को चौहटन में डाल दिया। विपक्ष के साथियों को आदत खराब पड़ गई है। हर बात पर सवाल खड़े कर दो। सामने हर समय उनका उत्तर देता रहे। समय परिवर्तन हो गया। विपक्ष के लोगों को लोगों के बीच में जाने की आवश्यकता है। माइक पकड़कर मेरे को शिक्षा देने का प्रयास कर रहे थे। वो मेरे को नहीं सिखाएं और खुद ही सीखें। उनकी तीन-चार सवाल करने की गंदी आदत पड़ चुकी है। उसको भी बदलने का स्वभाव डालें।

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