भास्कर न्यूज | अमृतसर गांव टपियाला के स्कूल में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के कार्यक्रम के दौरान किसानों और मजदूरों को पुलिस ने 100 मीटर पहले ही बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। किसान-मजदूर चौगांवा से आए थे। वे मंत्री से सवाल पूछना चाहते थे। पुलिस ने भारी बल तैनात कर सड़क जाम कर दी। किसान जत्थेबंदी सड़क पर ही धरने पर बैठ गई। महिलाओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। मंत्री बैंस स्कूल की नई बिल्डिंग का उद्घाटन करने पहुंचे थे। राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जिस तरह पिछले 4 दिनों से डीसी अमृतसर लगातार सरकारी स्कूल टपियाला में कार्यक्रम का जायजा लेने आ रहे थे, उसी तरह बच्चों और उनके अभिभावकों को सीएम से तीखे सवाल न पूछने की हिदायतें जारी करके तैयारियां की जा रही थीं। यहां तक कि जिस तरह मुख्यमंत्री भगवंत मान के स्वागत में फ्लेक्स बोर्ड लगाए गए थे और मीडिया में साफ तौर पर बताया गया था कि सीएम टपियाला पहुंच रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट हो गया है कि किसानों के सवालों से बचने के लिए मुख्यमंत्री ने अचानक अपना और दिल्ली से चुनाव हार चुके मनीष सिसोदिया का कार्यक्रम रद्द कर दिया और सिर्फ शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस को ही भेजा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के आश्वासन के बावजूद शिक्षा मंत्री किसानों व मजदूरों की समस्याओं का जवाब देने से बचते रहे। उन्होंने कहा कि यहां कार्यक्रम रद्द करने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान मीडिया को बताए बिना चुपके से वेरका मिल्क प्लांट का उद्घाटन करने पहुंच गए। मान सरकार का दोहरा चेहरा आज एक बार फिर उजागर हो गया है, क्योंकि भगवंत मान सरकार बनाने से पहले खुलेआम यह कहते सुने गए थे कि नेताओं को लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार ने शंभू व खनौरी मोर्चा का खेल खेलकर केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर सवाल पूछने के लोकतांत्रिक अधिकार का भी हनन किया है।


