मंदसौर में दो दिनों से मंडी में खरीदी नहीं होने से किसानों में भारी नाराजगी है। गुरुवार को जब किसानों का माल नहीं खरीदा गया तो आक्रोशित किसानों ने मंडी के बाहर धरना दिया और महू–नीमच हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। किसानों का कहना है कि वे दूर-दराज के गांवों से उपज लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन मंडी बंद रहने और खरीदी नहीं होने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। समय पर बिक्री नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और उचित दाम भी नहीं मिल पाएंगे। गुरुवार को भी मंडी बंद रही
यह विवाद 13 जनवरी को शुरू हुआ, जब माल उतारने के दौरान एक बोरी फटने को लेकर हम्माल और व्यापारी के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। इसके बाद 13 जनवरी को मंडी आधे दिन बंद रही और 14 जनवरी को शासकीय अवकाश के कारण पूरी तरह बंद रही। गुरुवार को भी व्यापारियों ने खरीदी नहीं की। मंडी सचिव पर्वत सिंह सिसोदिया ने किसानों को आश्वासन दिया था कि शाम तक मंडी शुरू कर दी जाएगी, जिसके बाद किसानों ने चक्का जाम हटा लिया। लेकिन इसके बावजूद खरीदी शुरू नहीं हुई। देर रात तक प्रशासन, व्यापारी, हम्माल और किसानों के बीच बातचीत चली, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। अगले आदेश तक बंद रहेगी खरीदी
आखिरकार मंडी प्रशासन ने मंडी को आगामी आदेश तक बंद रखने का फैसला किया। इससे किसान मायूस नजर आए और अपनी फसल वापस ले जाने को मजबूर हो गए। मंडी सचिव ने बताया कि कानून व्यवस्था और लोकहित को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है और किसानों से अपील की गई है कि वे फिलहाल मंडी में उपज लेकर न आएं


