मंदसौर जेल में 200 कैदियों ने किया गीता पाठ:गीता जयंती पर जैन मुनि बोले- बुराई का रास्ता छोड़कर अच्छाई का मार्ग अपनाएं

मंदसौर जिला जेल में गीता जयंती के अवसर पर 200 कैदियों ने सामूहिक रूप से श्रीमद्भागवत गीता के 15वें अध्याय का पाठ किया। इस आयोजन में जैन मुनि चिराग जी, जेल अधीक्षक प्रेम कुमार सिंह और पंडित कृष्णवल्लभ शास्त्री ने भाग लिया। इसमें गीता के श्लोकों का वाचन किया गया और उनके सरल अर्थ कैदियों को समझाए गए। पंडित कृष्णवल्लभ शास्त्री और जैन मुनि चिराग जी ने श्लोकों का सार पेश कर कैदियों को आध्यात्मिक प्रेरणा दी। जेल अधीक्षक प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे आयोजन कैदियों में सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। जैन मुनि चिराग जी ने कैदियों से कहा कि आप बुराई का रास्ता छोड़कर अच्छाई का मार्ग अपनाएं, कानून के नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैन मुनि चिराग जी ने जिला जेल परिसर का भ्रमण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जेल की भोजनशाला में प्रसाद के रूप में दो रोटियां ग्रहण कीं। बताया गया कि मुनि श्री सामान्यतः कुछ ग्रहण नहीं करते, लेकिन उन्होंने स्वेच्छा से ये रोटियां लीं। सब्जी में लहसुन-प्याज होने के कारण उन्होंने उसका सेवन नहीं किया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश शासन के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया था।

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