मंदसौर मंडी अनिश्चितकाल के लिए बंद:हम्माल-व्यापारी विवाद में पिसे किसान; 4 दिन से नहीं बिकी उपज, हाईवे पर किया था चक्काजाम

मंदसौर कृषि उपज मंडी में हम्माल और व्यापारियों के बीच चल रहे विवाद के कारण पिछले चार दिनों से कामकाज पूरी तरह ठप है। दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनने पर मंडी प्रशासन ने आगामी आदेश तक मंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। इसका सीधा खामियाजा दूर-दराज से अपनी उपज लेकर आए किसानों को भुगतना पड़ रहा है। फसल खराब होने की आशंका और आर्थिक नुकसान के डर से किसान मायूस हैं। कई किसान अपनी उपज वापस ले जाने को मजबूर हैं, जबकि कुछ अब भी मंडी में समाधान के इंतजार में बैठे हैं। बोरी फटने पर शुरू हुआ था विवाद विवाद की शुरुआत 13 जनवरी को हुई थी। मंडी में एक हम्माल व्यापारी के काउंटर पर माल उतार रहा था, तभी बारदाने की बोरी फट गई। इस बात को लेकर हम्माल और व्यापारी के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसके बाद से ही मंडी परिसर में तनाव बना हुआ है। 13 जनवरी को मंडी आधे दिन बंद रही, 14 जनवरी को शासकीय अवकाश था और 15 जनवरी (गुरुवार) को व्यापारियों ने किसानों का माल नहीं खरीदा। किसानों ने हाईवे पर किया था चक्काजाम गुरुवार को खरीदी नहीं होने से आक्रोशित किसानों ने मंडी के बाहर धरना दिया और महू–नीमच हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। मंडी सचिव पर्वत सिंह सिसोदिया ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों से चर्चा कर दोपहर 3:30 बजे तक मंडी शुरू करा दी जाएगी। इस भरोसे पर किसानों ने जाम तो खोल दिया, लेकिन इसके बावजूद व्यापारियों ने खरीदी शुरू नहीं की। देर रात तक प्रशासनिक अधिकारियों, किसानों और हम्मालों के बीच सुलह की कोशिशें चलीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। हजारों रुपए खर्च कर आए, अब बैरंग लौट रहे किसानों का कहना है कि वे सैकड़ों किलोमीटर दूर झालावाड़ और सागर जैसे क्षेत्रों से हजारों रुपए परिवहन और मजदूरी पर खर्च कर उपज लेकर आए थे। मंडी बंद रहने के कारण फसल न तो बिक पा रही है और न ही उचित दाम मिलने की उम्मीद है। पिछले चार दिनों से मंडी में डटे किसानों को अब भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंडी सचिव बोले- अभी उपज लेकर न आएं कृषि उपज मंडी सचिव पर्वत सिंह सिसोदिया ने बताया, “13 जनवरी को मंडी में व्यापारी और हम्मालों के बीच हुए विवाद के कारण दशपुर मंडी व्यापारी संघ और दशपुर मंडी हम्माल संघ के बीच आपसी सामंजस्य नहीं बन पाया। मंडी समिति द्वारा हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी। आगामी आदेश तक मंडी प्रांगण में क्रय-विक्रय का कार्य बंद रहेगा। कृषक बंधु फिलहाल अपनी उपज मंडी में लेकर न आएं।” देखिए तस्वीरें…

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