मंदसौर जिले में रविवार शाम मौसम बदलने के बाद तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झारड़ा और आसपास के इलाकों में रबी की फसलों, खासकर अफीम और गेहूं को भारी नुकसान हुआ है। सोमवार शाम को जब एसडीएम स्वाति तिवारी नुकसान का जायजा लेने पहुंचीं, तो एक पीड़ित किसान अपना दर्द बयां करते हुए उनके पैरों में गिर पड़ा। सोमवार शाम एसडीएम स्वाति तिवारी मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झारड़ा में फसलों के सर्वे के लिए पहुंची थीं। इसी दौरान एसडीएम और किसान नेता श्यामलाल जोकचंद की चर्चा चल रही थी, तभी पास ही में खड़ा एक किसान रोते हुए नजर आया। किसान का कहना है कि उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं और इन्होंने चालीस हजार की दवाइयां अफीम खेत मे डाली थी, ओलावृष्टि होने से बाकी किसानों के साथ उनकी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। किसान रोते हुए एसडीएम के पैरों में गिर गया। तभी मौके पर मौजूद लोगों ने उसे रोका। नेता बोले- 100% नुकसान, सर्वे की जरूरत नहीं श्यामलाल जोकचंद ने एसडीएम से कहा कि किसानों को 100% नुकसान हुआ, ऐसे में 5 से 7 दिन में इन्हें मुआवजा मिल जाना चाहिए। एसडीएम ने कहा कि सर्वे के बाद ऊपर अवगत करवा दिया जाएगा। तभी श्यामलाल जोगचंद बोले कि फसल तो 100% खराब है सर्वे की जरूरत नहीं, किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। आश्वासन के बाद एसडीएम वहां से रवाना हो गई। फावड़े से हटाने पड़े ओले, कश्मीर जैसा नजारा झारड़ा गांव और उसके आसपास ओलावृष्टि इतनी भीषण थी कि वहां का दृश्य किसी हिल स्टेशन पर हुई बर्फबारी जैसा हो गया। 30 मिनट के भीतर सड़कों और खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। गलियों और घरों के आंगन पूरी तरह ओलों से भर गए। स्थिति यह बन गई कि लोगों को अपने घरों के बाहर जमा हुए ओलों को हटाने के लिए फावड़े का सहारा लेना पड़ा। गेहूं और अफीम की फसलें चौपट बेमौसम हुई इस बारिश और ओलावृष्टि ने रबी सीजन की प्रमुख फसलों को अपनी चपेट में ले लिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, झारड़ा के साथ-साथ काचरिया देव, किशनगढ़, मनासा खुर्द, हरमाला, अरनिया देव और पामाखेड़ा जैसे गांवों में फसलों को काफी क्षति हुई है। इस समय खेतों में गेहूं और अफीम की फसलें खड़ी हैं, जिन पर ओलों की मार का सबसे बुरा असर पड़ा है। डिप्टी सीएम ने कलेक्टर से की चर्चा, सर्वे के निर्देश ओलावृष्टि की गंभीरता को देखते हुए मल्हारगढ़ विधायक और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने रविवार रात को ही एक्शन लिया। उन्होंने मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग से फोन पर बात की और प्रभावित इलाकों की जानकारी ली। देवड़ा ने निर्देश दिए हैं कि प्रशासनिक दलों को तुरंत प्रभावित गांवों में भेजा जाए ताकि मौके पर पहुंचकर फसल नुकसान का वास्तविक निरीक्षण किया जा सके। सरकार किसानों के साथ खड़ी है उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने किसानों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह उनके साथ है। उपमुख्यमंत्री ने कहा, “किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार किसानों के साथ हर परिस्थिति में खड़ी है। फसल नुकसान का आकलन कर राहत के सभी आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे।” देखिए तस्वीरें…


