पिछले दिनों मंदसौर के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश से किसानों की फसल पूरी तरह चौपट होने की खबर है। जिला कांग्रेस के मुताबिक, ओलावृष्टि से अफीम के डोडे और पत्तियां टूट गईं, जिससे किसानों को 100 प्रतिशत नुकसान उठाना पड़ा है। भारी निवेश और कड़ी मेहनत से उगाई जाने वाली इस फसल के नष्ट होने से किसान गहरे आर्थिक संकट में फंस गए हैं। बिना सर्वे तत्काल राहत और मुआवजा देने की मांग को लेकर मंगलवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और किसानों ने मंदसौर स्थित नारकोटिक्स कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी कर किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जताई। केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन जिला अफीम अधिकारी एस.के. हिंगड़ को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान विधायक विपिन जैन, पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल और प्रदेश कांग्रेस सचिव परशुराम सिसोदिया भी मौजूद रहे। 2.50 लाख रुपए के मुआवजे की मांग
ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि 10 आरी वाले प्रभावित किसानों को 5 लाख रुपए और 5 आरी वाले किसानों को 2.50 लाख रुपए का तत्काल मुआवजा दिया जाए। वित्त विभाग द्वारा बनाए गए पुराने नियमों में संशोधन किया जाए। अफीम नीति निर्माण में अफीम उत्पादक किसानों को शामिल किया जाए, ताकि वे अपने अनुभव और क्षेत्रीय परिस्थितियों के आधार पर पक्ष रख सकें। सीपीएस पद्धति समाप्त कर सभी किसानों को समान रूप से 10 आरी के पट्टे जारी किए जाएं और चीरा लगाकर अफीम उत्पादन का लाइसेंस दिया जाए। किसानों की कोई गलती नहीं, फिर भी भुगत रहे सजा
जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि ओलावृष्टि से अफीम की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। इसमें किसानों की कोई गलती नहीं है, इसके बावजूद उन्हें नियमों के नाम पर दंडित किया जा रहा है। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत राहत और मुआवजा देना चाहिए। वीडियो कॉल से नहीं, जमीनी दौरे से समझें हालात
प्रदेश कांग्रेस सचिव परशुराम सिसोदिया ने कहा कि मंत्री आपदा को केवल वीडियो कॉल पर देखकर औपचारिकता निभा रहे हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों की स्थिति देखने की जरूरत है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अपील की कि अफीम उत्पादक किसानों को विशेष राहत पैकेज प्रदान किया जाए। इस मौके पर कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में अफीम उत्पादक किसान मौजूद रहे।


