मंदसौर के श्रीकोल्ड तिराहा पर आदिवासी वीर योद्धा महाराणा पुंजा भील की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग को लेकर आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार शाम समाप्त हो गया है। दरअसल यह धरना 31 दिसंबर से प्रारंभ हुआ था, जो करीब 9 दिनों तक चला। प्रशासनिक अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद जयस कार्यकर्ताओं ने फिलहाल प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। जयस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी मांगों की प्रशासन द्वारा अनदेखी की जा रही है। जयस पदाधिकारियों का कहना है कि महाराणा पुंजा भील मेवाड़ के पानरवा गांव के निवासी थे, जिन्होंने देश और समाज के लिए अनेक बलिदान दिए। उनका योगदान भारतीय इतिहास में गौरवपूर्ण रहा है। ऐसे महान आदिवासी वीर की प्रतिमा सार्वजनिक स्थल पर स्थापित होने से आने वाली पीढ़ियों को उनके शौर्य और संघर्ष से प्रेरणा मिलेगी। कई बार दिए आवेदन, नहीं मिला जवाब जयस कार्यकर्ताओं ने बताया कि प्रतिमा स्थापना को लेकर 23 दिसंबर 2021 सहित कई बार जिला प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक न तो कोई निर्णय लिया गया और न ही लिखित जवाब दिया गया। इससे आदिवासी समाज में रोष व्याप्त है। आदिवासी महापुरुषों के सम्मान की मांग जयस के आवेदन में उल्लेख किया गया है कि भारत भूमि पर महाराणा पुंजा भील, बिरसा मुंडा, टंट्या भील जैसे अनेक आदिवासी महापुरुषों ने जन्म लिया, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे महापुरुषों के सम्मान में प्रतिमाओं की स्थापना आवश्यक है। आश्वासन के बाद धरना स्थगित जयस कार्यकर्ताओं ने बताया कि श्रीकोल्ड चौराहा, मंदसौर पर महाराणा पुंजा भील की प्रतिमा स्थापना को लेकर एसडीएम और नगर पालिका सीएमओ द्वारा आश्वासन दिया गया है। इसी आश्वासन के बाद धरने को स्थगित किया गया है। हालांकि जयस ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी दिनों में उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो पुनः आंदोलन किया जाएगा।


