मंदसौर जिले में नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत पेयजल स्रोतों की सफाई और गुणवत्ता जांच का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में पेयजल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई की जा रही है। इसमें पानी की टंकियां, बावड़ियां और कुएं शामिल हैं। इसके साथ ही, घर-घर जाकर पानी के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। एकत्र किए गए नमूनों की लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तृत जानकारी दी जा रही है, जिसमें पानी में मौजूद तत्वों की मात्रा और अन्य तकनीकी पहलू शामिल हैं। यह जानकारी सुधारात्मक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि नागरिकों को शुद्ध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। आम नागरिकों को पेयजल की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। वार्ड कर्मचारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण कर नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए गए हैं। ‘जल सुनवाई अभियान’ के तहत आम जनता से पेयजल व्यवस्था पर प्रतिक्रिया ली जा रही है और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो, साथ ही पेयजल स्रोतों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।


