मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग:देवास में विश्व हिंदू परिषद ने निकाली सनातन एकता शौर्य यात्रा

देवास में रविवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के नेतृत्व में ‘मठ-मंदिर मुक्ति अभियान सनातन एकता शौर्य यात्रा’ का आयोजन किया गया। यात्रा का उद्देश्य मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना बताया गया। इसमें बड़ी संख्या में संतजन, संगठन के कार्यकर्ता और श्रद्धालु शामिल हुए। शौर्य यात्रा की शुरुआत शहर के सयाजी द्वार के समीप स्थित सिद्धिविनायक मंदिर से हुई। इसके बाद यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सोमेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान अनुशासनपूर्ण ढंग से लोग भगवा ध्वज और धार्मिक प्रतीकों के साथ आगे बढ़ते नजर आए। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत भी किया। यात्रा में शामिल वक्ताओं ने मंदिरों की स्वायत्तता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान में कई मंदिर सरकारी नियंत्रण में हैं, जिससे उनके संचालन और संसाधनों के उपयोग को लेकर असंतोष की स्थिति बनी हुई है। वक्ताओं का तर्क था कि जिस प्रकार अन्य धार्मिक संस्थान सरकारी नियंत्रण से बाहर हैं, उसी तरह मंदिरों के संचालन का अधिकार भी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मंदिरों का प्रबंधन स्वतंत्र संस्थाओं के माध्यम से किया जाए, तो उनकी आय का उपयोग धार्मिक गतिविधियों, सामाजिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे कार्यों में अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से हो सकता है। हालांकि, वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मांग किसी वर्ग या समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं के संरक्षण और मंदिरों की आत्मनिर्भरता से जुड़ी है। यात्रा के समापन पर सोमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में एक सभा आयोजित की गई। इसमें आंदोलन को आगे बढ़ाने, जनसमर्थन जुटाने और भविष्य की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया गया। आयोजकों ने कहा कि यह अभियान आगे भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।

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