सतीश कपूर| अमृतसर दुर्ग्याणा कमेटी की ओर से न्यू अमृतसर में करीब 18 करोड़ की लागत से श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बनाया जा रहा है और निर्माण कार्य अभी तक भी जारी है। इसी मंदिर के आस-पास के लोग बतौर सेवादार प्रभु सेवा में लगे हैं। मंदिर के मुख्य द्वार में सुंदर नकाशी होगी। जिसके स्तंभ पर भगवान विष्णु के पद चिन्ह, शास्त्र और भगवान श्री कृष्ण का महामंत्र हरे कृष्णा हरे कृष्णा, हरे राम हरे राम समेत गोस्वामी तुलसीदास जी की चौपाई भी अंकित की जाएगी। यह द्वार मार्च 2026 तक बनकर तैयार होगा। जिसमें ओम, गणेश, चक्र, गदा, कमल का फूल, छोटी और सुंदर नकाशी के साथ-साथ काफी कुछ होगा। करीब 25 लाख की लागत से बनने वाले इस द्वार को देखकर माथा टेकने आने वाले भक्त सराबोर हो उठेंगे। इस द्वार को बनाने के लिए यूपी राय बरेली से एक दर्जन कारीगर दिन रात काम में लगे हैं। यूपी के कारीगर कमलेश गोसाई का कहना है कि पंजाब के मंदिरों का ऐसा पहला द्वार होगा जिसमें काफी बारीकी से कामकाज और नकाशी हो रही है। मंदिर के सदस्य रमन सहगल के अनुसार दुर्ग्याणा कमेटी के महासचिव अरुण खन्ना मंदिर को सुंदर बनाने में लगे हुए हैं। इसका मुख्य द्वार 9 बाय 9 का और प्रभु चिन्हों से तैयार होगा। जिसमें शंख, गदा, सुदर्शन चक्र, गरुड़ भगवान, महामंत्र के अलावा, ओम, गणेश जी के चिन्ह और श्री सुंदरकांड पाठ से गोस्वामी तुलसीदास जी की चौपाई अंकित की जा रही हैं। दोनों स्तंभों पर शास्त्र और वाद्यय यत्र की सुंदर नकाशी के साथ-साथ मंदिर की दीवारों पर रथ के पहिए बनाए बनेंगे। एक स्तंभ पर शास्त्र में धनुष बाण, तलवार, भाला, ढाल और दूसरे में चिमटा, सरस्वती वीणा, खरताल, बांसूरी, अलगोजा, डमरु, डफली समेत वाद्यय यंत्र बन रहे हैं।


