मई से मिलेगी सुविधा:घर के पास कौन सा ऑटो या ई-रिक्शा खड़ा है मोबाइल एप में दिखेगा, फोन से बुला सकेंगे

शहर के कई सड़कों और इलाकों में आज भी ई-रिक्शा और ऑटो नहीं चल रहे हैं। इससे लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। दूसरी तरफ जयस्तंभ चौक और इसके आसपास की सड़कों पर ई-रिक्शों की भरमार है। खासतौर पर मालवीय रोड, सदर बाजार, शारदा चौक से आश्रम मार्ग पर तो इतने रिक्शे चलते हैं कि हर किसी को सवारी भी नहीं मिल पाती है। औसतन 10 में 6 ई-रिक्शे खाली दिखते हैं। इसलिए अब शहर को चार जोन में बांटकर हर इलाके में ई-रिक्शा और ऑटो चलाने का सिस्टम बनाया जा रहा है। मई से ये सिस्टम लागू हो जाएगा। उसके बाद मोबाइल पर एप के माध्यम से लोग ये देख सकेंगे कि उनके घर के पास कौन सा ऑटो या ई-रिक्शा खड़ा है। वे चालक को फोन कर बुला सकेंगे। ओला और उबर की तर्ज पर एप बनाया जा रहा है। इस पर पुलिस और निगम संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। मोर रायपुर एप में इसकी सुविधा होगी। ई-रिक्शे के लिए भी परमिट की मांग : ई-रिक्शा के लिए रूट का कोई परमिट जारी नहीं होता। इसलिए किसी भी रूट पर मनमाने ढंग से दौड़ रहे हैं। पुलिस लगातार आरटीओ और प्रशासन से मांग कर रही है कि इसको भी परमिट के दायरे में लाया जाए। ऐसे दुरुस्त करेंगे पब्लिक ट्रांसपोटिंग ​​​​​​​इन इलाकों में कम है पब्लिक ट्रांसपोर्ट
शंकर नगर, खम्हारडीह, अवंति विहार, विजय नगर, समता कॉलोनी, डीडी नगर, महावीर नगर, दलदल सिवनी, आदर्श नगर, अनुपम नगर, सिविल लाइन, टैगोर नगर, शैंलेंद्र नगर, कोटा, गुढ़ियारी, शिवानंद नगर, सड्डू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, कचना, श्याम नगर, पुरानी बस्ती, बैरनबाजार, सन्यासी पारा, डंगनिया, पार्वती नगर, सुंदर नगर, देवेंद्र नगर समेत कई इलाकों में आसानी से पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं मिलता। शहर में 170 बनेगा स्टॉपेज
पुलिस ऑटो व ई-रिक्शा की गिनती करवा रही है। गिनती के बाद शहर में 170 जगहों पर ऑटो व ई-रिक्शा के लिए स्टॉपेज बनाए जाएंगे। बाद में जरूरत के मुताबिक संख्या बढ़ाई जाएगी। राज्य में 34 हजार ईवी
राज्य में 34 हजार इलेक्ट्रिक व्हीकल दौड़ रही हैं। रायपुर में ही 12 हजार ई-रिक्शा और एक हजार मालवाहक हैं। राज्य में 17 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा हैं। सर्वे में सामने आई शहर की समस्या
सर्वे में खुलासा हुआ है कि शहर की आधा दर्जन सड़कों पर ही सबसे ज्यादा सिटी बस, ऑटो और ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। जबकि अधिकांश सड़कों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट गायब हैं। इससे मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ते ही जा रहा है। सबसे ज्यादा ट्रैफिक का दबाव पंडरी से विधानसभा रोड, शास्त्री चौक से रेलवे स्टेशन, शास्त्री चौक से कालीबाड़ी, भाठागांव और पचपेड़ी नाका, जयस्तंभ से आमानाका और शास्त्री चौक से तेलीबांधा के बीच है। इन्हीं सड़क पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी है। निजी वाहनों की संख्या भी यहां ज्यादा है। सबसे ज्यादा जाम इन्हीं सड़कों पर लग रहा है। सर्वे कर रिपोर्ट भेजा गया
ट्रैफिक पुलिस ने सवारी वाहन को लेकर सर्वे कराया है। उसमें चौंकाने वाली जानकारी है। इस आधार पर शहर को चार जोन में बांटने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।-डॉ. लाल उमेद सिंह, एसएसपी
चार जोन में बांटने का प्रस्ताव मंजूर
रायपुर ट्रैफिक पुलिस का प्रस्ताव मिला है। शहर को 4 जोन में बांटकर ई-रिक्शा को चलाने की योजना है। इसे मंजूर किया ​गया है। कलेक्टर और निगम आयुक्त को इसे लागू करने के लिए पत्र लिखा गया है। -डी. रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त

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