मऊगंज जिले में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर संजय कुमार जैन ने एक व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। शिकायतों और अनियमितताओं की आशंका के मद्देनजर, कलेक्टर ने जिले की तीनों जनपद पंचायतों में कुल 29 अधिकारियों को तैनात किया है। इन अधिकारियों को दो-दो गौशालाओं का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी आदेश के तहत, जनपद पंचायत मऊगंज में 12, हनुमना में 11 और नईगढ़ी में 6 अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक अधिकारी को गौशालाओं में साफ-सफाई, चारा-पानी की उपलब्धता, गोवंश की वास्तविक संख्या, उनके स्वास्थ्य की स्थिति, चिकित्सा सुविधा, कर्मचारियों की उपस्थिति और प्रबंधन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच करनी होगी। कलेक्टर बोले- सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना प्राथमिकता कलेक्टर जैन ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता गोवंश को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान किसी भी गड़बड़ी, अपूर्ण निर्माण, संसाधनों की कमी या फर्जी भुगतान जैसी शिकायतें सही पाए जाने पर तत्काल जिला प्रशासन को सूचित किया जाए, ताकि समय पर कठोर कार्रवाई की जा सके। गुरुवार शाम पत्रकारों से चर्चा में कलेक्टर जैन ने बताया कि जिले में कुल 86 गोशालाएं संचालित हैं। इनमें से 10 से 12 गोशालाएं अभी अपूर्ण हैं, जहां गोवंश रखना संभव नहीं है, जबकि इनके निर्माण की राशि पूरी तरह से आहरित हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, राशन और भूसा मद में अनियमितताओं सहित कई अन्य बिंदुओं पर भी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। अधिकारियों को तीन दिन का समय मिला है कलेक्टर ने बताया कि निरीक्षण के लिए अधिकारियों को तीन दिन का समय दिया गया है। सभी अधिकारी मौके पर जाकर चेकलिस्ट के आधार पर जांच करेंगे और फोटोग्राफ सहित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, फर्जी भुगतान या निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार पाए जाने पर रिकवरी के साथ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य जिले की सभी गौशालाओं को आदर्श व्यवस्था के साथ संचालित करना है।


