नवगठित मऊगंज जिले को औद्योगिक और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। भारत सरकार की ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत जिले के लिए टमाटर को आधिकारिक तौर पर चुना गया है। इसके साथ ही, जिले में निर्यात और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति (DEPC) का भी गठन किया गया है। कलेक्टर कार्यालय मऊगंज की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के संचालनालय भोपाल के पत्र के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है। टमाटर की व्यापक उत्पादन संभावनाओं, किसानों की सक्रिय भागीदारी और बाजार की मजबूत मांग को देखते हुए इसे ओडीओपी के रूप में चयनित किया गया है। इस पहल से जिले के किसानों को बेहतर मूल्य मिलने, प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। मऊगंज में जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति गठित प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के निर्देश पर जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति का गठन किया गया है। कलेक्टर संजय कुमार जैन इस समिति के अध्यक्ष होंगे। पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संयुक्त कलेक्टर, तथा कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी और वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारी इसके सदस्य बनाए गए हैं। जिला औद्योगिक केंद्र के महाप्रबंधक को सदस्य-सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। यह उल्लेखनीय है कि ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत मध्य प्रदेश को वर्ष 2024 में राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर कैटेगरी अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। मऊगंज जिले में इस योजना के लागू होने से टमाटर आधारित उद्योगों, कोल्ड स्टोरेज, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यात गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है। प्रशासन का मानना है कि यह पहल मऊगंज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, यह किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।


