मऊगंज के शासकीय शहीद केदारनाथ महाविद्यालय में बुधवार को संविधान दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. एस. डी. पांडेय के मार्गदर्शन और शासन के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। इसका संचालन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्राचार्य डॉ. पांडेय ने संविधान को भारत की सर्वोच्च विधि और नागरिकों का मैग्ना कार्टा बताया। उन्होंने कहा कि यह देश की प्रगति और लोकतांत्रिक मूल्यों का आधार है। भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रभारी डॉ. रविशंकर द्विवेदी ने संविधान को भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र के प्रबुद्ध जनों द्वारा देश को एक अमूल्य धरोहर के रूप में समर्पित किया गया है। कार्यक्रम में विधि विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार मिश्रा ने संविधान सभा के गठन, उसकी विभिन्न समितियों, निर्वाचन आयोग की भूमिका और मौलिक अधिकारों पर विस्तृत जानकारी दी। विधि विभाग के डॉ. विभूति भूषण सिंह ने भारतीय संविधान को विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान बताया। एनसीसी से डॉ. आर. एन. पटेल ने समाजवादी और लोककल्याणकारी राज्य की अवधारणा को लोकतंत्र की मजबूत नींव बताया। डॉ. राघवेंद्र कुमार मिश्रा ने संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन कराया। इस अवसर पर प्रश्न मंच प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें काजल सिंह, आकृति तिवारी और अनुष्का गुप्ता की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में अनुष्का गुप्ता प्रथम और आकृति तिवारी द्वितीय स्थान पर रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. सुनील कुमार पांडेय ने किया। इसमें एनसीसी, भारतीय ज्ञान परंपरा, रेड क्रॉस सोसाइटी और विधि विभाग का विशेष सहयोग रहा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहे।


