मऊगंज जिले में सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत शनिवार दोपहर सांदीपनी स्कूल ढेरा में यातायात पुलिस ने एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यातायात थाना प्रभारी नरेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उनमें समझ विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान नरेश प्रताप सिंह ने छात्रों को बताया कि तेज रफ्तार, मोबाइल का उपयोग, बिना हेलमेट और बिना सीटबेल्ट वाहन चलाना सड़क हादसों के मुख्य कारण हैं। उन्होंने जोर दिया कि अधिकांश दुर्घटनाएं लापरवाही के कारण होती हैं, जिन्हें जागरूकता और नियमों का पालन करके रोका जा सकता है। उन्होंने हेलमेट और सीटबेल्ट को जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण के रूप में अपनाने की सलाह दी। व्यावहारिक उदाहरणों से छात्रों की सड़क सुरक्षा समझ बढ़ी छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए यातायात नियमों से संबंधित कई प्रश्न पूछे, जिनमें ओवरलोडिंग, ओवरटेकिंग, ट्रैफिक सिग्नल की प्राथमिकता और पैदल यात्रियों के अधिकार शामिल थे। पुलिस टीम ने सभी सवालों के जवाब सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के साथ दिए, जिससे छात्रों की सड़क सुरक्षा संबंधी समझ और गहरी हुई। यातायात पुलिस ने बच्चों को सड़क पार करने के सुरक्षित तरीके, वाहन चलाते समय उचित दूरी बनाए रखने और आपातकालीन स्थितियों में क्या करना चाहिए, इसकी भी जानकारी दी। टीम ने समझाया कि यदि छात्र स्वयं यातायात नियमों का पालन करेंगे, तो वे अपने परिवार और समाज को भी सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित कर सकते हैं। छात्र-छात्राओं को हेलमेट पहनने की सामूहिक शपथ दिलाई कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्र-छात्राओं को हेलमेट पहनने, तेज रफ्तार से बचने और सभी यातायात नियमों का पालन करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। स्कूल प्रबंधन ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में अत्यंत सहायक होते हैं। जिलेभर में चल रहे इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है, और यातायात पुलिस का मानना है कि यदि बच्चे आज से ही सुरक्षित यातायात की आदतें सीख लें, तो भविष्य में दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।


