मऊगंज के इंद्रगढ़ी और नईगढ़ी थाना क्षेत्र में ड्राइवर, कुक, सफाईकर्मी, पड़ोसी और सब्जी विक्रेता जैसे लोगों को सैकड़ों मामलों में गवाह और मुखबिर बनाया गया है। यह खुलासा पुलिस के ही क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग एंड नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) से सामने आया है। सीसीटीएनएस के मुताबिक, थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर के ड्राइवर अमित कुशवाहा, सब्जी विक्रेता व कुक दिनेश कुशवाहा 106 मामलों में संयुक्त रूप से गवाह और मुखबिर हैं। 18 में तो अमित अकेला गवाह है। मऊगंज के नईगढ़ी थाना में पदस्थ रहे सब इंस्पेक्टर जगदीश सिंह ठाकुर पर आरोप है कि उन्होंने गांजा, अवैध शराब और हथियार जैसे मामलों में भी करीबियों को ही गवाह बनाया। खास तौर पर अमित कुशवाहा। जहां-जहां जगदीश की पोस्टिंग रही, वहां-वहां अमित गवाह के रूप में दिखता है। मामला सामने आने के बाद मऊगंज एसपी दिलीप कुमार सोनी ने जगदीश को नईगढ़ी थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया है। पूरे मामले की जांच एसडीओपी को सौंप दी। एसपी ने कहा कि सभी प्रकरणों की जांच की जाएगी, जिसमें इस तरह के गवाह हैं। उसके बाद संबंधित पर कार्रवाई होगी। जहां-जहां थानेदार गए, वहां-वहां गवाह भी…केस-जगह बदली, पर गवाह नहीं पहले गवाह बनाया, फिर आरोपी थाने के पास रहने वाले दिव्यांग अरुण तिवारी छह मामलों में अमित के साथ गवाह और मुखबिर हैं। अरुण के खिलाफ 19 मई 2025 को नईगढ़ी थाने में डकैती का मामला दर्ज किया गया। अरुण का कहना है कि वह 17 से 19 मई तक शहर से बाहर थे। थानेदार ने वारदात की तारीख 19 मई बताई है। मामला 21 मई को दर्ज किया गया। सफाईकर्मी का नाम भी गवाही में सफाई करने वाले रमाकांत यादव 14 मामलों में गवाह हैं। उनका कहना है कि उन्हें याद नहीं कि वे किन परिस्थितियों में गवाह बने। वे नईगढ़ी थाने में सफाई का काम करते हैं। कभी कोर्ट नहीं गए। राहुल विश्वकर्मा थाने की गाड़ी चलाते हैं। 18 मामलों में गवाह हैं। राहुल बोले- कभी गवाही देने नहीं गया। पुलिस गवाह के तौर पर नाम लिख देती थी। ऐसे 500+ केस… आरोप है कि फिक्स गवाहों के भरोसे 2022 से 2025 के बीच 500+ केस दर्ज हुए। नईगढ़ी समेत जिन थानों में जगदीश की तैनाती रही, वहां 150+ फर्जी FIR दर्ज की गई हैं।


