मऊगंज में आदिवासी महिला ने खुद पर पेट्रोल उड़ेला:बोली-2 साल से जमीन और मुआवजा नहीं मिला; अपर कलेक्टर ने माचिस छीनी

मऊगंज जिले में एक आदिवासी विधवा महिला ने खदान से संबंधित सुनवाई के दौरान अपनी जमीन बचाने की मांग करते हुए खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। अपर कलेक्टर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माचिस छीनकर उसे आत्मदाह करने से रोका। इस घटना से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। घटना हर्रहा ग्राम पंचायत की है। बुधवार शाम 4 बजे जनसुनवाई में पहुंची विधवा ललिता मौर्या ने आरोप लगाया कि उसकी पट्टे की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध उत्खनन कर 80 से 100 फीट गहरे गड्ढे खोद दिए हैं। उनका कहना है कि पत्थर निकालकर बेचे जा चुके हैं और अब उसी जमीन की लीज को वैध करने की प्रक्रिया चल रही है।
महिला बोलीं- दो साल से जमीन, नहीं मिला मुआवजा ललिता मौर्या ने बताया कि पति की मौत के बाद पिछले दो साल से उसे अपनी जमीन पर न तो कब्जा मिला है और न ही कोई मुआवजा। उन्होंने उपेंद्र सिंह और अरुण सिंह पर एग्रीमेंट के नाम पर धोखाधड़ी और धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला के अनुसार, पैसे मांगने पर उसे कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जाती है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी अवैध ब्लास्टिंग के कारण अपने घरों और स्कूल की दीवारों में दरारें आने की शिकायत की है। उनका आरोप है कि अवैध उत्खनन से रास्ते खराब हो गए हैं, जिसके कारण कई परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। अपर कलेक्टर ने अवैध उत्खनन की जांच के निर्देश दिए उल्लेखनीय है कि इस घटना से दो दिन पहले ही एक संयुक्त जांच दल ने इसी क्षेत्र में अवैध उत्खनन पकड़ा था और संबंधित मशीनें जब्त की थीं। इसके बावजूद, उसी जमीन की लीज से संबंधित जनसुनवाई आयोजित की गई थी। अपर कलेक्टर पीके पांडे ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों से संबंधित दस्तावेज मंगवाए गए हैं। तथ्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *